Monday, May 25, 2026
Google search engine
HomeCrimeठाणे में क्राइम ब्रांच बड़ी कार्रवाई: खाने के तेल के नाम पर...

ठाणे में क्राइम ब्रांच बड़ी कार्रवाई: खाने के तेल के नाम पर ले जाया जा रहा 25 हजार लीटर अवैध डीजल जब्त, ₹46.50 लाख का माल सीज

ठाणे। ठाणे सिटी क्राइम ब्रांच यूनिट-1 और राशन वितरण विभाग की संयुक्त टीम ने मुंबई-नासिक हाईवे पर खारेगांव टोल प्लाजा के पास बड़ी कार्रवाई करते हुए खाने के तेल के नाम पर अवैध रूप से ले जाए जा रहे डीजल जैसे ज्वलनशील पदार्थ से भरे एक टैंकर को जब्त किया है। इस कार्रवाई में कुल 46 लाख 50 हजार रुपये मूल्य का सामान जब्त किया गया है। पुलिस के अनुसार, लोगों को गुमराह करने के लिए टैंकर पर ‘खाने का तेल’ लिखा गया था। मामले में मुख्य आरोपी चालक समेत कुल आठ लोगों के खिलाफ कलवा पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है। क्राइम ब्रांच यूनिट-1 को मिली गोपनीय सूचना के आधार पर खारेगांव टोल प्लाजा से पहले मुंब्रा टर्नपाइक रोड के पास जाल बिछाया गया। इस दौरान टाटा कंपनी के संदिग्ध टैंकर (MH-46-BB-7134) को रोककर जांच की गई, जिसमें बड़ी मात्रा में ज्वलनशील तरल पदार्थ मिला। चालक के पास इस पदार्थ के परिवहन से संबंधित कोई वैध लाइसेंस, खरीद बिल या दस्तावेज मौजूद नहीं थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए राशन वितरण विभाग, ठाणे के डिप्टी कंट्रोलर के निर्देश पर राशन वितरण अधिकारी सुभाष रामनाथ डुंबरे और उनकी टीम को मौके पर बुलाया गया। संयुक्त जांच में टैंकर के पांच कम्पार्टमेंट से कुल 25 हजार लीटर अवैध डीजल जैसा पदार्थ बरामद हुआ। जब्त सामग्री में 24.50 लाख रुपये मूल्य का 25 हजार लीटर डीजल जैसा पेट्रोलियम पदार्थ तथा 22 लाख रुपये कीमत का टाटा टैंकर शामिल है। अधिकारियों ने मौके से रासायनिक परीक्षण के लिए सैंपल भी एकत्र किए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने विरार खाड़ी क्षेत्र से नाव के जरिए लाए गए डीजल को टैंकर में भरकर नासिक ले जाने की योजना बनाई थी। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पेट्रोलियम पदार्थों के सुरक्षित परिवहन से जुड़े नियमों का पालन किए बिना सामान्य टैंकर में इस खतरनाक पदार्थ को ले जाकर लोगों की जान को खतरे में डाला। इस मामले में मुख्य आरोपी चालक धर्मेंद्र कुमार श्यामलाल पटेल (37), निवासी नवी मुंबई को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं टैंकर मालिक रितेश अभय नारायण सिंह (दिवा, ठाणे) सहित पालघर और सूरत के सात अन्य आरोपियों — रोशन शिरोडकर, नितिन कोली, राजू पंडित, दीपक पवार, सागर पाटिल और अनिल — के नाम भी सामने आए हैं। राशन वितरण अधिकारी सुभाष रामनाथ डुंबरे की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ एसेंशियल कमोडिटीज एक्ट 1955, मोटर स्पिरिट एंड हाई स्पीड डीजल ऑर्डर 2005 तथा बायोडीजल पॉलिसी 2021 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की आगे की जांच पुलिस इंस्पेक्टर अशोक रावजी उटेकर कर रहे हैं। इस कार्रवाई के बाद जिला कलेक्टर डॉ. श्रीकृष्ण पांचाल और जिला आपूर्ति अधिकारी सरजेराव मस्के-पाटिल ने लोगों से अपील की है कि जिले में डीजल और अन्य ईंधन का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। नागरिक किसी भी अफवाह पर विश्वास न करें और अतिरिक्त ईंधन जमा करने से बचें। जिला प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अवैध ईंधन परिवहन और जमाखोरी में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments