
पुणे। राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) की मुंबई जोनल यूनिट के अंतर्गत पुणे रीजनल यूनिट ने पुणे रेलवे जंक्शन पर बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब ₹3.41 करोड़ मूल्य के संदिग्ध नशीले और साइकोट्रोपिक पदार्थ जब्त किए हैं। मामले में एक भारतीय महिला यात्री को गिरफ्तार किया गया है। डीआरआई के अनुसार, खुफिया सूचना के आधार पर अधिकारियों ने 25 अगस्त की सुबह महिला यात्री को पुणे रेलवे जंक्शन पर रोका। महिला दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से यात्रा कर रही थी और पुणे से गुजर रही थी। संदेह के आधार पर उसके सामान की बारीकी से तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान अधिकारियों को 2,532 ग्राम सफेद और पीले रंग का क्रिस्टल जैसा पदार्थ मिला, जिसके एम्फेटामाइन होने का संदेह है। इसके अलावा 878 ग्राम अलग-अलग रंगों की गोलियां बरामद की गईं, जिनके 3,4-मिथाइलीनडाइऑक्सी-मेथाम्फेटामाइन (MDMA) होने का संदेह जताया गया है। डीआरआई के मुताबिक, बरामद संदिग्ध नशीले पदार्थों की कुल अनुमानित कीमत करीब ₹3.41 करोड़ है। इन पदार्थों को नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट, 1985 के प्रावधानों के तहत जब्त किया गया और महिला यात्री को गिरफ्तार कर लिया गया। अब डीआरआई इस बात की जांच कर रही है कि संदिग्ध नशीले पदार्थ कहां से लाए गए थे और इन्हें कहां पहुंचाया जाना था। इसके साथ ही इस कथित तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान और उनकी भूमिका का भी पता लगाया जा रहा है। डीआरआई ने कहा कि यह कार्रवाई नशीले पदार्थों और साइकोट्रोपिक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ खुफिया सूचना आधारित अभियान का हिस्सा है। एजेंसी के मुताबिक, ऐसी कार्रवाइयों का उद्देश्य अवैध नशीले पदार्थों की आपूर्ति रोकना, जनस्वास्थ्य की रक्षा करना और सरकार के ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ में योगदान देना है।

