
मुंबई। मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (एमसीए) के बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स स्थित खाद्य केंद्रों के किचन में कॉकरोच और मक्खियां पाए जाने के मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार को एमसीए को कड़ी नसीहत देते हुए चुटकी ली। अदालत ने कहा, “रेस्टोरेंट के किचन में मक्खियां और कॉकरोच हैं, यह तो नॉनवेज चाय हुई। क्या क्रिकेटरों को पता था कि वे नॉनवेज चाय पी रहे हैं?” महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफ़डीए) ने खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के कारण एमसीए परिसर में संचालित पांच रेस्टोरेंट और खाद्य केंद्रों के लाइसेंस निलंबित कर दिए थे, जिसके खिलाफ एमसीए ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। मामले की सुनवाई प्रभारी मुख्य न्यायाधीश रवींद्र घुगे और न्यायमूर्ति गौतम अंखड की खंडपीठ के समक्ष हुई। FDA के मुताबिक खाद्य केंद्रों के लाइसेंस एमसीए के नाम पर हैं, लेकिन उनका वास्तविक संचालन शिर्के इन्फ्रास्ट्रक्चर द्वारा किया जा रहा है। अदालत ने दोनों पक्षों के हितों में संतुलन बनाते हुए एमसीए को गुरुवार तक पांचों खाद्य केंद्रों की पूरी तरह सफाई कराने और एफ़डीए को गुरुवार को ही सभी केंद्रों का नए सिरे से निरीक्षण करने के निर्देश दिए। अदालत ने FDA की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की प्रभावी कार्रवाई भविष्य में भी जारी रहनी चाहिए। साथ ही एफ़डीए को शिर्के इन्फ्रास्ट्रक्चर और एमसीए के बीच हुए समझौते की कानूनी रूप से जांच करने को भी कहा गया। एमसीए की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विक्रम नानकानी ने दलील दी कि कमियां दूर करने का अवसर देने के लिए एफ़डीए को पहले सुधार नोटिस जारी करना चाहिए था, लेकिन अदालत ने स्पष्ट किया कि निरीक्षण में गंभीर उल्लंघन पाए जाने पर सुधार नोटिस देना आवश्यक नहीं है और एफ़डीए तत्काल लाइसेंस निलंबित कर सकता है। अदालत ने एफ़डीए की निरीक्षण रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए कहा कि खाद्य केंद्रों के किचन में कॉकरोच और मक्खियों का प्रकोप पाया गया था, जो स्वच्छता मानकों का गंभीर उल्लंघन है। सुनवाई के दौरान एमसीए की ओर से कहा गया कि सभी खाद्य केंद्र बंद होने के कारण बीकेसी मैदान पर खेलने आने वाले क्रिकेटरों को चाय तक नहीं दी जा पा रही है, जिस पर अदालत ने मिश्किल अंदाज में ‘नॉनवेज चाय’ वाली टिप्पणी की। अब गुरुवार को होने वाली एफ़डीए की दोबारा जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि एमसीए परिसर के खाद्य केंद्रों में स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा से जुड़ी कमियां दूर की गई हैं या नहीं।

