मुंबई टेक वीक 2026 में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का बड़ा ऐलान — 10 हजार करोड़ निवेश, डेढ़ लाख रोजगार और 6 एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की तैयारी

मुंबई। महाराष्ट्र को देश और दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का अग्रणी केंद्र बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा विजन सामने रखा है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि मुंबई की आर्थिक ताकत, मजबूत तकनीकी आधार, तेजी से बढ़ता स्टार्टअप इकोसिस्टम और नई तकनीकों को अपनाने की क्षमता महाराष्ट्र को आने वाले समय में वैश्विक एआई हब बनाएगी। मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स स्थित बीकेसी में आयोजित ‘मुंबई टेक सप्ताह 2026’ के उद्घाटन अवसर पर मुख्यमंत्री फडणवीस ने यह बात कही। कार्यक्रम में मुंबई की मेयर रितु तावड़े, बीएमसी कमिश्नर अश्विनी भिड़े, महानगर कमिश्नर संजय मुखर्जी, प्रशासनिक अधिकारी, देश-विदेश के निवेशक, स्टार्टअप संस्थापक और वैश्विक तकनीकी कंपनियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार ने एआई क्षेत्र में 10 हजार करोड़ रुपये के निवेश, लगभग डेढ़ लाख रोजगार सृजन, छह सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और विशेष एआई इनोवेशन ज़ोन स्थापित करने का लक्ष्य तय किया है। उन्होंने कहा कि एआई आधारित शोध और नवाचार को गति देने के लिए सरकार ‘कम्प्यूट-एज़-अ-सर्विस’ मॉडल विकसित कर रही है, जिसके तहत स्टार्टअप्स और शोधकर्ताओं को 2 हजार जीपीयू उपलब्ध कराए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि अत्याधुनिक कम्प्यूटिंग सुविधाएं बेहद महंगी होने के कारण कई बार छोटे स्टार्टअप और शोधकर्ता नवाचार नहीं कर पाते। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार सीधे तकनीकी अधोसंरचना उपलब्ध करा रही है, ताकि नए उद्यमियों को आगे बढ़ने का अवसर मिल सके। उन्होंने कहा कि सरकार केवल नीतिगत ढांचा तैयार कर सकती है, लेकिन वास्तविक स्टार्टअप इकोसिस्टम उद्यमी और संस्थापक ही खड़ा करते हैं। दिसंबर 2022 में जब पहली बार टेक उद्यमियों के एक मंच की संकल्पना रखी गई थी, तभी यह महसूस हो गया था कि महाराष्ट्र तकनीकी क्षेत्र में बड़ी छलांग लगाने वाला है। मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया कि लगातार तीसरे वर्ष महाराष्ट्र निवेश और स्टार्टअप की संख्या के मामले में देश का अग्रणी राज्य बना हुआ है। हर वर्ष अधिक संख्या में निवेशक, वैश्विक कंपनियां और तकनीकी उद्यमी महाराष्ट्र से जुड़ रहे हैं। उन्होंने देश और विदेश से आए स्टार्टअप्स और तकनीकी कंपनियों को महाराष्ट्र में निवेश का खुला आमंत्रण देते हुए कहा कि तकनीक और एआई के क्षेत्र में काम करने वालों के लिए यह सबसे उपयुक्त समय है और महाराष्ट्र सबसे बेहतर कार्यभूमि है। उन्होंने कहा, “महाराष्ट्र के लिए काम कीजिए, भारत के लिए काम कीजिए और दुनिया के लिए नवाचार कीजिए।”मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार केवल इनक्यूबेशन और एक्सीलरेशन तक सीमित नहीं है, बल्कि ‘फंड ऑफ फंड्स’ के माध्यम से स्टार्टअप्स को निवेश सहायता भी प्रदान कर रही है। सरकार हर स्तर पर तकनीकी उद्यमियों की भागीदार बनने के लिए तैयार है। राज्य सरकार द्वारा विभिन्न विभागों में एआई के उपयोग का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने ‘महा-विस्तार’ किसान ऐप का विशेष जिक्र किया। उन्होंने बताया कि यह किसानों के लिए ‘वन स्टॉप सॉल्यूशन’ के रूप में काम कर रहा है और भारत एआई परिषद में इसे देश के सर्वश्रेष्ठ किसान समाधान के रूप में सम्मानित किया गया है। इसी मॉडल पर अब ‘इंडिया-विस्तार’ की संकल्पना विकसित की जा रही है। उन्होंने बताया कि निर्माण अनुमति प्रक्रिया में एआई आधारित प्रणाली लागू करने से पारदर्शिता और कार्यक्षमता में वृद्धि होगी। साथ ही अपराध जांच और न्यायिक प्रक्रिया को तेज करने के लिए तैयार किए गए ‘क्राइम ओएस’ प्लेटफॉर्म का भी उपयोग शुरू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि पहले 15 हजार पन्नों की चार्जशीट तैयार करने में तीन से चार महीने लग जाते थे, लेकिन अब एआई की सहायता से यही प्रक्रिया 10 से 12 दिनों में पूरी हो सकेगी। इससे पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया दोनों में तेजी आएगी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार चिकित्सा बीमा योजनाओं में होने वाली गड़बड़ियों की पहचान, सरकारी मानव संसाधन प्रबंधन, यातायात नियंत्रण, आपदा प्रबंधन और निगरानी प्रणाली जैसे क्षेत्रों में भी एआई का प्रभावी उपयोग कर रही है। राज्य सरकार ने विभिन्न विभागों के लिए 50 एआई इंजन विकसित करने का लक्ष्य रखा है। एआई के बढ़ते उपयोग के साथ सामने आ रही डीपफेक, डेटा सुरक्षा और विश्वसनीयता जैसी चुनौतियों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार “एथिकल एआई” के सिद्धांत पर काम करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि एआई केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि छोटे उद्योगों, एमएसएमई और आम नागरिकों को भी इसका लाभ मिलना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक का विकास मानवीय मूल्यों के साथ होना चाहिए और एआई में मानवीय हस्तक्षेप बना रहना आवश्यक है। उन्होंने विश्वास जताया कि महाराष्ट्र आने वाले समय में भारत की एआई राजधानी ही नहीं बल्कि वैश्विक नवाचार केंद्र के रूप में भी उभरेगा।



