
मुंबई। महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) पेपर लीक मामले की जांच में भिवंडी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इस मामले के मुख्य आरोपियों में शामिल माने जा रहे बिजेंद्र कुमार गुप्ता को बिहार से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद उसे महाराष्ट्र लाया गया है, जहां आगे की पूछताछ की जाएगी। पुलिस के अनुसार, आरोपी को शनिवार को पुणे एयरपोर्ट लाया गया, जहां से उसे भिवंडी ले जाया गया। अधिकारियों द्वारा उसे स्थानीय अदालत में पेश कर पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत (कस्टडी) की मांग किए जाने की संभावना है। जांच एजेंसियों का मानना है कि गुप्ता से पूछताछ के दौरान पेपर लीक की साजिश और इसमें शामिल अन्य लोगों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। जांचकर्ताओं के मुताबिक, यह गिरफ्तारी टीईटी पेपर लीक मामले की लंबे समय से चल रही जांच में अहम उपलब्धि मानी जा रही है। पुलिस को संदेह है कि गुप्ता कथित तौर पर एक बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़ा हुआ है, जो विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक कराने में सक्रिय रहा है। इससे पहले जून में विशेष जांच दल (एसआईटी) ने पटना से बिजेंद्र कुमार गुप्ता की पत्नी सुमन गुप्ता को भी गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसियों का आरोप है कि उन्हें कथित पेपर लीक रैकेट की जानकारी थी और मामले से जुड़े कई वित्तीय लेन-देन उनकी मौजूदगी में किए गए थे। इन आरोपों की जांच जारी है। पुलिस जांच में बिजेंद्र कुमार गुप्ता का नाम देश के अन्य परीक्षा पेपर लीक मामलों से भी जोड़ा गया है। इनमें 2023 की ओडिशा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (OSSC) परीक्षा, बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) परीक्षा तथा मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) परीक्षा से जुड़े मामले शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि इन मामलों में उनकी भूमिका का अंतिम निर्धारण संबंधित जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बिजेंद्र कुमार गुप्ता से पूछताछ के आधार पर पेपर लीक के कथित अंतरराज्यीय नेटवर्क, उसके संचालन के तरीके तथा इसमें शामिल अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच की जाएगी।

