
विश्व कौशल प्रतियोगिता विजेताओं के लिए नकद पुरस्कार की घोषणा, उद्योगों के साथ नए समझौते, 240 प्रशिक्षकों को मिलेगा आधुनिक प्रशिक्षण
मुंबई। विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर महाराष्ट्र सरकार ने कौशल विकास और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण पहल शुरू कीं। बुधवार को फोर्ट स्थित एल्फिन्स्टन टेक्निकल हाईस्कूल के सेंट्रल हॉल में आयोजित कार्यक्रम में कौशल, रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने राज्य में कौशल विकास को नई गति देने वाले विभिन्न उपक्रमों का शुभारंभ किया। विश्व बैंक की सहायता से संचालित ‘दक्ष’ परियोजना के तहत सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के प्रशिक्षकों के लिए आधुनिक तकनीक आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया। पहले चरण में 240 प्रशिक्षकों को एडवांस मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रिक व्हीकल, सीएनसी मशीनिंग, रेफ्रिजरेशन एवं एयर कंडीशनिंग, प्लंबिंग, सर्वेयर, सीओपीए, वेल्डिंग और एरोनॉटिकल स्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस पहल में महिंद्रा एंड महिंद्रा तथा लार्सन एंड टुब्रो जैसी कंपनियों का सहयोग भी मिलेगा। उद्योग आधारित रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए SEEID, 2COMS Consulting Private Limited, Border Plus Technology Private Limited तथा Quess International Services Private Limited के साथ समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इन समझौतों के माध्यम से भाषा प्रशिक्षण, प्रस्थान-पूर्व प्रशिक्षण, दस्तावेज़ीकरण, नियोक्ताओं से समन्वय, डिजिटल ट्रैकिंग और प्लेसमेंट के बाद सहायता जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। आगामी सिंहस्थ कुंभ मेले को ध्यान में रखते हुए सह्याद्री रूरल डेवलपमेंट फाउंडेशन, नाशिक को 4,000 उम्मीदवारों के पूर्व कौशल प्रमाणीकरण और 300 युवाओं के अल्पकालीन कौशल प्रशिक्षण के लिए आशय पत्र (Letter of Intent) प्रदान किया गया। इससे हॉस्पिटैलिटी, पर्यटन, स्वास्थ्य सेवा, निर्माण, ऑटोमोबाइल और रिटेल क्षेत्र के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार किए जाएंगे। इस अवसर पर वर्ल्डस्किल्स शंघाई 2026 में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए चयनित महाराष्ट्र के पांच राष्ट्रीय विजेताओं का सम्मान किया गया। मंत्री लोढ़ा ने घोषणा की कि प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतने वाले को 5 लाख रुपये, रजत पदक विजेता को 3 लाख रुपये और कांस्य पदक विजेता को 2 लाख रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। कार्यक्रम में मुंबई स्थित डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) पाठ्यक्रम के दौरान ही रोजगार प्राप्त करने वाले 11 प्रशिक्षुओं का भी सम्मान किया गया। इसके अलावा महात्मा ज्योतिबा फुले कौशल प्रशिक्षण केंद्र योजना के तहत दो नई प्रशिक्षण संस्थाओं को आशय पत्र प्रदान किए गए तथा सीएसआर के माध्यम से सरकारी आईटीआई को जिम, खेल सामग्री और वाटर कूलर उपलब्ध कराने के लिए स्नेहधारा चैरिटी काउंसिल का सम्मान किया गया। मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में विद्यालय स्तर से ही कौशल शिक्षा को प्राथमिकता दी गई है। सरकार का लक्ष्य राज्य के प्रत्येक युवा, विशेषकर आदिवासी और दूरदराज क्षेत्रों के युवाओं तक आधुनिक कौशल प्रशिक्षण पहुंचाना है, ताकि उन्हें देश और विदेश दोनों जगह रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।

