
मुंबई। राज्य के उच्च शिक्षा क्षेत्र में कार्यरत महिला प्राध्यापकों की क्षमता वृद्धि तथा उनमें नेतृत्व गुणों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से महाराष्ट्र राज्य अध्यापक विकास संस्था (MSFDA), पुणे द्वारा सोमवार को ‘नारीदृष्टि’ (Nurturing Visionary Women Leaders for Transformation in Academia) नामक विशेष पांच दिवसीय आवासीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। कार्यक्रम का ऑनलाइन उद्घाटन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटील के हाथों संपन्न हुआ। इस अवसर पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव बी.वेणुगोपाल रेड्डी, राज्य सामाईक प्रवेश परीक्षा कक्ष के आयुक्त दिलीप सरदेसाई, उच्च शिक्षा संचालक डॉ. शैलेंद्र देवळाणकर, तकनीकी शिक्षा संचालक डॉ. विनोद मोहितकर, सहसचिव संतोष खोरगडे, सहसंचालक डॉ. अर्चना बोऱ्हाडे सहित विभिन्न क्षेत्रों की महिला प्रतिनिधि, विद्यार्थी एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री चंद्रकांत पाटील ने कहा कि महिला प्राध्यापकों को केवल अध्यापन तक सीमित न रहकर अनुसंधान, प्रशासन, शैक्षणिक नीति निर्माण और संस्थागत नेतृत्व जैसे क्षेत्रों में भी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि ‘नारीदृष्टि’ जैसे उपक्रम महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ उच्च शिक्षा क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में देश में नारी शक्ति को केंद्र में रखकर अनेक योजनाएं और नीतियां प्रभावी रूप से लागू की जा रही हैं। शिक्षा, विज्ञान, प्रशासन, उद्योग और रक्षा सहित सभी क्षेत्रों में महिलाओं ने अपनी प्रतिभा सिद्ध की है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर महिलाओं की सक्रिय भागीदारी आज के बदलते भारत में उनके सशक्त नेतृत्व का प्रमाण है। उच्च शिक्षा संचालक डॉ. शैलेंद्र देवळाणकर ने कहा कि एक ही दिन में चार महत्वपूर्ण कार्यक्रमों का शुभारंभ होना MSFDA के लिए गौरव की बात है। उन्होंने बताया कि ‘नारीदृष्टि’ महिला नेतृत्व को नई दिशा देगी, जबकि अन्य तीन फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) शिक्षकों को तकनीक, अनुभवाधारित शिक्षण और परिणाम-आधारित शिक्षा के क्षेत्र में अधिक सक्षम बनाएंगे। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के प्रभावी क्रियान्वयन में भी ये कार्यक्रम महत्वपूर्ण साबित होंगे। इस पांच दिवसीय आवासीय कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों की महिला प्राध्यापक भाग ले रही हैं। कार्यक्रम के दौरान महिला नेतृत्व, शैक्षणिक प्रबंधन, अनुसंधान, नवाचार, तकनीकी उपयोग और संस्थागत विकास जैसे विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन दिया जाएगा। इस अवसर पर ‘नारीदृष्टि’ महिला नेतृत्व विकास कार्यक्रम के साथ-साथ Teaching with Smart Technology FDP, Project-Based Learning FDP तथा CO-PO Integration & Micro Planning for Outcome-Based Accreditation FDP जैसे तीन अध्यापक विकास कार्यक्रमों का भी एक साथ शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में भूषण पटवर्धन, सुरेश गोसावी, सुनील भिरुड तथा हेमलता बागला सहित अनेक शिक्षाविद एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



