
मुंबई। महाराष्ट्र के श्रम मंत्री एडवोकेट आकाश फुंडकर ने रायगढ़ जिले के खालापुर स्थित मेसर्स गार्गी हट्टेनेस अल्बर्टस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में कार्यरत पात्र ठेका कर्मचारियों को प्राथमिकता के आधार पर स्थायी सेवा में शामिल करने के निर्देश दिए हैं। कंपनी के कर्मचारियों की विभिन्न मांगों और समस्याओं को लेकर मंत्रालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में यह निर्देश जारी किए गए। मंगलवार को यह बैठक विधान परिषद सदस्य भाई जगताप के ज्ञापन के आधार पर आयोजित की गई थी। भारतीय कामगार कर्मचारी महासंघ ने मांग की थी कि कंपनी में कार्यरत लगभग 300 ठेका कर्मचारियों को स्थायी किया जाए तथा उन्हें नियमित कर्मचारियों के समान वेतन और अन्य सुविधाएं प्रदान की जाएं। बैठक में विधान परिषद सदस्य भाई जगताप, श्रम विभाग की प्रधान सचिव आई. ए. कुंदन, उप सचिव (श्रम) स्वप्निल कापडणीस, श्रम आयुक्त एच. पी. तुम्मोड, श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधि और संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में श्रम मंत्री आकाश फुंडकर ने कहा कि श्रमिकों के हितों की रक्षा करना और उनके रोजगार को सुरक्षित रखना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने “समान कार्य के लिए समान वेतन” के सिद्धांत का उल्लेख करते हुए कंपनी प्रबंधन को कर्मचारियों की शिकायतों की निष्पक्ष जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस मामले में किसी भी कर्मचारी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। संबंधित अधिकारियों को कानूनी प्रावधानों के अनुसार सभी पहलुओं की जांच कर निर्धारित समय में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए। श्रम मंत्री ने कंपनी प्रबंधन और श्रमिक संगठनों से आपसी सहमति और सकारात्मक संवाद के माध्यम से विवाद का समाधान निकालने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो कर्मचारी स्थायी नियुक्ति के पात्र हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर नियमित सेवा में शामिल किया जाए तथा श्रमिक संगठनों को विश्वास में लेकर इस पूरी प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।

