Thursday, May 7, 2026
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कुंभ उद्योग संगम से नासिक को मिली नई रफ्तार, 13,190 करोड़ के एमओयू से 32 हजार रोजगार : मुख्यमंत्री फडणवीस

नासिक। नासिक में आयोजित ‘कुंभ उद्योग संगम और नासिक निवेश शिखर परिषद 2026’ के समापन समारोह में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि सिंहस्थ कुंभ मेले की पृष्ठभूमि में नासिक आने वाले समय में महाराष्ट्र के विकास का नया “ग्रोथ इंजन” बनेगा। उन्होंने कहा कि अब विकास के मामले में नासिक रुकने वाला नहीं है और यहां उद्योग, निवेश तथा रोजगार के नए अवसर तेजी से बढ़ेंगे। बुधवार को होटल ताज में आयोजित इस कार्यक्रम में जलसंपदा मंत्री गिरीश महाजन, उद्योग मंत्री उदय सामंत, शिक्षा मंत्री दादाजी भुसे, विपणन मंत्री नरहरि ज़िरवाल, वस्त्रोद्योग मंत्री संजय सावकारे सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री की मौजूदगी में 300 से अधिक उद्योगपतियों के साथ 13,190 करोड़ रुपये के सामंजस्य करार (एमओयू) किए गए, जिनसे लगभग 32 हजार रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि पिछले तीन वर्षों से राज्य सरकार जिला-केंद्रित निवेश परिषदों का आयोजन कर रही है। नासिक जिले में अब तक 31,945 करोड़ रुपये का निवेश आया है, जिससे 66 हजार लोगों को रोजगार मिलने वाला है। उन्होंने बताया कि अब तक हुए एमओयू में से 77 प्रतिशत परियोजनाएं कार्यान्वित हो चुकी हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स, कृषि आधारित सेवाएं, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल और सेवा क्षेत्र में निवेश तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में नासिक में 57 हजार करोड़ रुपये का निवेश आया है। दावोस निवेश सम्मेलन में भी राज्य सरकार ने नासिक के लिए 12 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिंद्रा एंड महिंद्रा, रिलायंस और लार्सन एंड टुब्रो जैसी बड़ी कंपनियां नासिक में निवेश कर रही हैं और नई औद्योगिक परियोजनाओं के लिए जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पर काम जारी है। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि राज्य सरकार महाराष्ट्र को ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य पर काम कर रही है। इसके लिए केवल मुंबई-पुणे तक सीमित विकास की नीति बदलकर जिला आधारित संतुलित विकास मॉडल अपनाया गया है। उन्होंने कहा कि उत्तर महाराष्ट्र में नासिक एक नए औद्योगिक “मैग्नेट” के रूप में उभर रहा है, जबकि अहमदनगर, धुले, जलगांव और नंदुरबार भी निवेश के नए केंद्र बन रहे हैं। उन्होंने बताया कि कुंभ मेले के विकास कार्यों के लिए राज्य सरकार 33 हजार करोड़ रुपये का निवेश कर रही है। इससे सड़क, ड्राय पोर्ट, रिंग रोड, रेल, एयरपोर्ट और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी सुविधाओं का विस्तार होगा। मुख्यमंत्री के अनुसार अगले 10 वर्षों में इन परियोजनाओं से नासिक में लगभग 3 लाख करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था विकसित हो सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी सिंहस्थ कुंभ मेला “डिजिटल कुंभ” होगा, जिसमें आधुनिक तकनीक और डिजिटल सुविधाओं का व्यापक उपयोग किया जाएगा। कुंभ मेले को पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और आध्यात्मिक अनुभव से जोड़ते हुए इसे “समता और श्रद्धा का महाकुंभ” बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
“कुंभ उद्योग संगम से उद्योग और अध्यात्म को जोड़ने का प्रयास”: जलसंपदा मंत्री गिरीश महाजन
जलसंपदा मंत्री गिरीश महाजन ने कहा कि कुंभ उद्योग संगम के माध्यम से पहली बार अध्यात्म और उद्यमिता को एक मंच पर लाने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि कुंभ मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि नासिक के आर्थिक विकास का बड़ा अवसर भी है। शहर में हरित और स्वच्छ विकास के लिए बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण किया जाएगा।
“नासिक में नई एमआईडीसी और औद्योगिक विस्तार को मिलेगी गति”: उद्योग मंत्री उदय सामंत
उद्योग मंत्री उदय सामंत ने कहा कि राज्य सरकार उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए ‘मैत्री’ सुविधा केंद्र के माध्यम से सिंगल विंडो सिस्टम लागू कर रही है। उन्होंने बताया कि इगतपुरी, राजूर बहुला और मनमाड क्षेत्रों में नई एमआईडीसी विकसित की जाएगी, जिसके लिए लगभग 1300 एकड़ जमीन अधिग्रहित की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि दावोस सम्मेलन में हुए निवेश करारों के क्रियान्वयन में महाराष्ट्र देश में सबसे आगे है।
“नासिक बनेगा उत्तर महाराष्ट्र का विकास केंद्र”: डॉ. प्रवीण गेडाम
विभागीय आयुक्त डॉ. प्रवीण गेडाम ने प्रस्तुतीकरण के दौरान कहा कि नासिक कृषि, धार्मिक पर्यटन और उद्योग—तीनों क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। कुंभ मेले के अवसर पर 35 हजार करोड़ रुपये के विकास कार्य किए जा रहे हैं। समृद्धि महामार्ग, नासिक-चेन्नई कॉरिडोर, नासिक-वधावन मार्ग और रिंग रोड जैसी परियोजनाएं शहर की प्रगति को नई दिशा देंगी। उन्होंने कहा कि भविष्य में नासिक “मंत्र, तंत्र और यंत्रभूमि” के रूप में पहचाना जाएगा।

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