Saturday, May 9, 2026
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ईडी की कार्रवाई पर केजरीवाल का केंद्र सरकार पर हमला, बोले- विपक्षी नेताओं को डराने के लिए हो रहा एजेंसियों का इस्तेमाल

नई दिल्ली। अरविंद केजरीवाल ने पंजाब से संजीव अरोड़ा के घर पर हुई प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी को लेकर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। शनिवार को केजरीवाल ने आरोप लगाया कि ईडी और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) जैसी केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल अब भ्रष्टाचार रोकने के लिए नहीं, बल्कि विपक्षी नेताओं को डराने और उन्हें भाजपा में शामिल कराने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि संजीव अरोड़ा के यहां 17 अप्रैल को भी ईडी की रेड हुई थी, जिसमें दिल्ली, गुरुग्राम और लुधियाना समेत कई स्थानों पर तीन दिनों तक जांच चली थी। केजरीवाल ने कहा कि जब उस समय कुछ नहीं मिला, तो दोबारा कार्रवाई का उद्देश्य केवल राजनीतिक दबाव बनाना है। उन्होंने आरोप लगाया कि संजीव अरोड़ा पर भाजपा में शामिल होने का दबाव डाला गया और जो नेता भाजपा में चले जाते हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई बंद हो जाती है। केजरीवाल ने अशोक मित्तल का उदाहरण देते हुए कहा कि उनके यहां भी पहले ईडी की कार्रवाई हुई थी, लेकिन बाद में मामला शांत हो गया। उन्होंने कहा कि यह रणनीति विपक्षी नेताओं को तोड़ने और दबाव में लाने का हिस्सा है। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि देश में ईडी और सीबीआई जैसी संस्थाएं अब स्वतंत्र रूप से कार्य नहीं कर रहीं और भाजपा सरकार राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए उनका दुरुपयोग कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि किसी के खिलाफ वास्तविक भ्रष्टाचार या मनी लॉन्ड्रिंग के सबूत हैं, तो कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन केवल राजनीतिक मतभेद के कारण छापेमारी करना लोकतंत्र के लिए खतरनाक है। प्रेस वार्ता के दौरान केजरीवाल ने भाजपा की चुनावी जीतों पर भी सवाल उठाए और दावा किया कि भाजपा “ईमानदारी से चुनाव नहीं जीत सकती” तथा प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता लगातार घट रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल चुनाव खत्म होने के बाद अब केंद्र सरकार और केंद्रीय एजेंसियों का पूरा ध्यान पंजाब की ओर मोड़ दिया गया है, क्योंकि यह एक सीमावर्ती राज्य है जहां भाजपा की सरकार नहीं है। केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर पंजाब के साथ भेदभाव और अन्याय करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कृषि कानूनों, ग्रामीण विकास फंड, पंजाब यूनिवर्सिटी विवाद, चंडीगढ़ मुद्दे और भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) से जुड़े मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले कुछ वर्षों में पंजाब को लगातार परेशान किया गया है। उन्होंने भाजपा में शामिल हुए नेताओं सुवेंदु अधिकारी, हिमंत बिस्वा शर्मा और अजित पवार का उदाहरण देते हुए कहा कि भाजपा पहले इन नेताओं पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाती थी, लेकिन पार्टी में शामिल होने के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई बंद हो गई। दूसरी ओर, मनीष सिसोदिया और स्वयं उनके खिलाफ कार्रवाई की गई क्योंकि उन्होंने भाजपा में शामिल होने से इनकार किया। केजरीवाल ने कहा कि पंजाब गुरुओं और शहीदों की धरती है और यहां के लोग किसी भी प्रकार के दबाव या राजनीतिक हस्तक्षेप के सामने झुकने वाले नहीं हैं।

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