पश्चिम रेलवे में 738 रूट किमी पर ‘कवच’ चालू, 5,228 किमी नेटवर्क को कवर करने का लक्ष्य

2026-27 में करीब 610 रूट किमी और जोड़ने की तैयारी

मुंबई। पश्चिम रेलवे ने भारत की स्वदेशी स्वचालित ट्रेन संरक्षा प्रणाली ‘कवच’ के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण प्रगति की है। अब तक 738 रूट किलोमीटर पर कवच प्रणाली को कमीशन किया जा चुका है, जबकि विभिन्न चरणों में चल रही परियोजनाओं के माध्यम से पश्चिम रेलवे के 5,610 ब्रॉड-गेज नेटवर्क में से 5,228 रूट किलोमीटर को इसके दायरे में लाने का लक्ष्य है। पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विनीत अभिषेक के अनुसार, कवच निर्धारित गति की निगरानी करता है और आवश्यकता पड़ने पर स्वतः ब्रेक लगाकर ट्रेन परिचालन को अधिक सुरक्षित बनाता है। इसका चरणबद्ध विस्तार मुंबई, वडोदरा, अहमदाबाद और रतलाम मंडलों के महत्वपूर्ण यात्री एवं माल कॉरिडोर में किया जा रहा है। SIL-4 मानक के तहत विरार-सूरत, सूरत-वडोदरा, वडोदरा-गोदरा, वडोदरा-अहमदाबाद और गोदरा-नागदा खंडों सहित कुल 738 रूट किमी पर कवच चालू हो चुका है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में पश्चिम रेलवे ने करीब 610 रूट किलोमीटर अतिरिक्त कवरेज का लक्ष्य रखा है। इसमें साणंद-अहमदाबाद-कलोल, मुंबई सेंट्रल-विरार, नीमच-चंदेरिया, साणंद-विरमगाम, कलोल-कामली, पालनपुर-दियोदर और ओखा-कानालुस जैसे खंड शामिल हैं। इसके अलावा विरमगाम-राजकोट-ओखा, नागदा-उज्जैन-भोपाल और विरमगाम-सामाख्याली कॉरिडोर पर भी कवच कार्य आगे बढ़ाया जा रहा है। पश्चिम रेलवे ने कहा है कि अतिरिक्त खंडों की कमीशनिंग और चल रहे कार्यों के पूरा होने से ट्रेन सुरक्षा अवसंरचना को और मजबूती मिलेगी तथा सुरक्षित रेल परिचालन सुनिश्चित करने में मदद होगी।

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