मुंबई के ससून डॉक में मछुआरों को सस्ती दरों पर मिलेंगे गोदाम, सरकारी जमीन हस्तांतरण का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश
विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने की समीक्षा बैठक, ससून डॉक की जेट्टी 100 मीटर बढ़ाने और बुनियादी सुविधाओं के विकास पर जोर

मुंबई। मुंबई के ससून डॉक में मछुआरों को किफायती दरों पर गोदाम उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार नई योजना तैयार करेगी। इसके तहत मुंबई पोर्ट ट्रस्ट की जमीन केंद्र सरकार से राज्य सरकार को सरकारी दर पर हस्तांतरित करने और मछुआरों को रियायती दरों पर गोदाम उपलब्ध कराने के लिए अनुदान का विकल्प अपनाने पर विचार किया जाएगा। विधानसभा अध्यक्ष एडवोकेट राहुल नार्वेकर ने संबंधित अधिकारियों को वर्तमान गोदामधारकों की जानकारी जुटाकर प्राथमिकता निर्धारित करने वाली नीति और प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं। बुधवार को विधान भवन में विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर की अध्यक्षता में ससून डॉक और स्थानीय मछुआरा संगठनों की समस्याओं को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक में मत्स्यव्यवसाय एवं बंदरगाह विकास मंत्री नितेश राणे, मत्स्यव्यवसाय सचिव एन. रामास्वामी, महाराष्ट्र समुद्री मंडल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पी. प्रदीप, मत्स्यव्यवसाय आयुक्त भानुदास पालवे सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
सरकारी दर पर जमीन लेकर मछुआरों को राहत देने की तैयारी
बैठक में राहुल नार्वेकर ने कहा कि मुंबई पोर्ट ट्रस्ट की जमीन के लिए निजी संस्थाओं और सरकारी संस्थाओं की किराया दरें अलग-अलग हैं। ऐसे में राज्य सरकार को सरकारी दर पर जमीन हस्तांतरित कराने के बाद मछुआरों को रियायती दरों पर गोदाम उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को वर्तमान गोदामधारकों का विवरण तैयार करने, पात्रता और प्राथमिकता तय करने तथा अनुदान संबंधी प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इस विषय पर एक से डेढ़ महीने के भीतर दोबारा समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी।
बर्फ कारखाने के लिए वैकल्पिक जगह तलाशने के निर्देश
नार्वेकर ने ससून डॉक में बर्फ कारखाना, जलशुद्धीकरण परियोजना, सीवरेज व्यवस्था, अपशिष्ट जल उपचार संयंत्र तथा पानी और डीजल की पाइपलाइन सहित सभी विकास कार्यों की एकीकृत योजना बनाने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि अधूरे निर्माण कार्यों, बंद पड़ी सुविधाओं और उपयोग में नहीं लाई जा रही मशीनरी के कारण सरकारी धन की बर्बादी नहीं होनी चाहिए। बैठक में यह मुद्दा भी सामने आया कि जेट्टी के सामने की लगभग 25 से 30 प्रतिशत जगह बर्फ कारखाने के लिए इस्तेमाल किए जाने से मछली पकड़ने वाली नौकाओं को खड़ा करने के लिए उपलब्ध स्थान कम हो सकता है। इसे देखते हुए बर्फ कारखाने की आवश्यकता बनाए रखते हुए उसके लिए वैकल्पिक स्थान की व्यवहार्यता जांचने के निर्देश दिए गए।
अगले सप्ताह ससून डॉक का निरीक्षण करेंगे नितेश राणे
मत्स्यव्यवसाय एवं बंदरगाह विकास मंत्री नितेश राणे ने कहा कि ससून डॉक की गोदाम व्यवस्था मछली कारोबार और उससे जुड़े व्यवसायों के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि अगले सप्ताह ससून डॉक का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया जाएगा। इस दौरान स्थानीय मछुआरों की समस्याओं और सुझावों को समझकर जलापूर्ति, सीवरेज पाइपलाइन, सड़कों, मछली नीलामी केंद्र और अन्य विकास कार्यों के लिए निश्चित समयसीमा वाला कार्यक्रम तैयार किया जाएगा।
ससून डॉक की जेट्टी 100 मीटर बढ़ाने का प्रस्ताव
बैठक में ससून डॉक की जेट्टी का विस्तार 100 मीटर तक करने की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई। नितेश राणे ने अधिकारियों को पुरानी और नई जेट्टी के स्वामित्व तथा कब्जे की स्थिति की जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने नई जेट्टी के विस्तार का प्रस्ताव राज्य सरकार के समक्ष प्रस्तुत करने को कहा। प्रस्ताव प्राप्त होने के बाद आवश्यक निधि उपलब्ध कराने के संबंध में निर्णय लिया जा सकेगा। बैठक में स्पष्ट किया गया कि ससून डॉक के विकास में मछुआरों की वास्तविक जरूरतों को प्राथमिकता दी जाएगी। विशेष रूप से नौकाओं के ठहराव, मछली की नीलामी, भंडारण और आवश्यक सुविधाओं को ध्यान में रखकर विकास कार्यों की योजना तैयार की जाएगी।
