Sunday, May 24, 2026
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जम्मू-कश्मीर की चेरी ने पकड़ी रफ्तार: मुंबई के लिए रवाना होगी सीजन की पहली ‘पार्सल वैन’

श्रीनगर। जम्मू और कश्मीर के बागवानों और फल व्यापारियों के लिए इस सीजन की बड़ी खुशखबरी सामने आई है। घाटी की मशहूर लाल-सुर्ख और रसीली चेरी अब भारतीय रेल की तेज पार्सल सेवा के जरिए सीधे मुंबई के बाजारों तक पहुंचेगी। सीजन की पहली चेरी स्पेशल पार्सल वैन 25 मई 2026 को जम्मू से रवाना होने जा रही है। यह पहल जम्मू-कश्मीर के बागवानी उत्पादों को देशभर के बड़े बाजारों तक रिकॉर्ड समय में पहुंचाने की दिशा में भारतीय रेलवे का महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस विशेष पार्सल वैन में लगभग 12 टन प्रीमियम गुणवत्ता वाली चेरी लोड की गई है, जिसमें करीब 966 बॉक्स शामिल हैं। इस पार्सल वैन को ट्रेन संख्या 19028 विवेक एक्सप्रेस के साथ जोड़ा जाएगा। ट्रेन 25 मई को सुबह 5:45 बजे जम्मू से रवाना होकर लगभग 33 घंटे में बांद्रा टर्मिनस पहुंचेगी। रेलवे का कहना है कि कम समय में डिलीवरी होने से चेरी की ताजगी और गुणवत्ता पूरी तरह बरकरार रहेगी, जिससे मुंबई के उपभोक्ताओं को सीधे बागानों से आई ताजी चेरी का स्वाद मिल सकेगा।इस संबंध में वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक उचित सिंघल ने बताया कि भारतीय रेलवे जम्मू-कश्मीर के बागवानों को बेहतर बाजार और उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि चेरी बेहद नाजुक फल है और इसे तेजी से बाजार तक पहुंचाना सबसे बड़ी चुनौती होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने विशेष लॉजिस्टिक व्यवस्था तैयार की है तथा इस सीजन में व्यापारियों की मांग पूरी करने के लिए पर्याप्त पार्सल वैन उपलब्ध कराई गई हैं।रेलवे के अनुसार अब तक जम्मू और श्री माता वैष्णो देवी कटरा रेलवे स्टेशन से चेरी परिवहन के लिए कुल 28 विशेष वीपी (Parcel Vans) के इंडेंट प्राप्त हो चुके हैं। इसके अलावा नियमित ट्रेनों में उपलब्ध एसएलआर कोच सुविधा भी जारी रहेगी ताकि छोटे और मध्यम व्यापारी भी कम मात्रा में अपनी खेप सुरक्षित और किफायती तरीके से भेज सकें। अधिकारियों ने बताया कि इससे पहले भी लगभग 18 टन चेरी मुंबई भेजी जा चुकी है।भारतीय रेलवे की यह तेज, सुरक्षित और समयबद्ध पार्सल सेवा जम्मू-कश्मीर के बागवानों के लिए आर्थिक मजबूती का नया माध्यम बनती दिखाई दे रही है। इससे न केवल किसानों को उनकी मेहनत का बेहतर मूल्य मिलेगा, बल्कि देशभर के बाजारों तक घाटी की प्रसिद्ध चेरी की मिठास भी तेजी से पहुंच सकेगी।

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