
उन्नाव, उत्तर प्रदेश। जनसुनवाई व्यवस्था को प्रभावी और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से शनिवार को सदर तहसील परिसर में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी घनश्याम मीणा और पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश सिंह ने फरियादियों की समस्याएं सुनकर संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। कार्यक्रम में सदर विधायक पंकज गुप्ता सहित प्रशासन और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।समाधान दिवस में बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के नागरिक अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे। इनमें भूमि विवाद, पैमाइश, राजस्व मामलों, विद्युत आपूर्ति, रजिस्ट्री संबंधी समस्याओं तथा विभिन्न विभागों से जुड़ी शिकायतें प्रमुख रहीं। अधिकारियों ने एक-एक कर सभी शिकायतों को सुना और संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।जिलाधिकारी घनश्याम मीणा ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध, निष्पक्ष और पारदर्शी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने बताया कि समाधान दिवस में प्राप्त अधिकांश शिकायतें भूमि विवाद और पैमाइश से संबंधित थीं। इन मामलों के त्वरित समाधान के लिए उपजिलाधिकारी एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों को विशेष निर्देश जारी किए गए हैं।डीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि वे केवल फाइलों और कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहें। शिकायतों के वास्तविक समाधान के लिए संबंधित अधिकारी मौके पर जाकर जांच करें, शिकायतकर्ता से सीधे संवाद करें और उसकी उपस्थिति में समस्या का निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में गुणवत्ता और पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।उन्होंने कहा कि किसी भी शिकायत का निपटारा केवल औपचारिकता के तौर पर नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि यह सुनिश्चित किया जाए कि शिकायतकर्ता समाधान से संतुष्ट हो। साथ ही बिजली विभाग, रजिस्ट्री कार्यालय और अन्य विभागों से संबंधित शिकायतों पर भी गंभीरता से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।समाधान दिवस के दौरान पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने भी फरियादियों की समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिलाया। प्रशासन ने कहा कि जनता की समस्याओं का प्रभावी समाधान ही सुशासन की पहचान है और इसके लिए सभी विभागों को जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा।



