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कुर्ला में घरेलू नौकरानी से मारपीट और अवैध कैद करने का आरोप, झूठी रेप शिकायत दर्ज कराने का दबाव

मुंबई। कुर्ला के कोहिनूर सिटी इलाके में एक 19 वर्षीय घरेलू नौकरानी के साथ कथित रूप से शारीरिक उत्पीड़न, अवैध कैद और मानसिक प्रताड़ना का मामला सामने आया है। पीड़िता पश्चिम बंगाल की रहने वाली है और बीते दो महीनों से कोहिनूर सिटी में रहने वाले एक व्यवसायी के घर में घरेलू कामकाज के साथ-साथ छोटे बच्चे की देखभाल का काम कर रही थी। पीड़िता की शिकायत के अनुसार, 21 जनवरी को दोपहर करीब दो बजे मालिक की पत्नी ने बच्चों को कैंडी देने की बात पर उसे बेरहमी से पीटा। मारपीट से आहत लड़की जब इसकी शिकायत दर्ज कराने के लिए पुलिस स्टेशन जाने लगी, तो मालिक और उसकी पत्नी ने कथित तौर पर उसे रोक लिया और लगभग एक घंटे तक एक कमरे में बंद कर दिया। आरोप यहीं नहीं रुके। पीड़िता के मुताबिक 23 जनवरी की शाम करीब चार बजे पति-पत्नी ने एक बार फिर उसके साथ मारपीट की और गाली-गलौज की। इसके बाद उस पर अपने पुराने ड्राइवर के खिलाफ झूठी पुलिस शिकायत दर्ज कराने का दबाव डाला गया। बताया गया कि उक्त ड्राइवर, जिसने पहले नौकरी छोड़ दी थी, उसके खिलाफ लड़की से यह बयान दिलवाने की कोशिश की गई कि उसने उसके साथ बलात्कार किया और घर से 9 लाख रुपये चुरा लिए। पीड़िता का आरोप है कि उसे बार-बार वही झूठा बयान दोहराने के लिए मजबूर किया गया। 24 जनवरी की तड़के करीब तीन बजे आरोपी उसे पुलिस स्टेशन लेकर पहुंचे, लेकिन वहां लड़की ने साहस दिखाते हुए पुलिस को पूरी सच्चाई बता दी। उसने स्पष्ट कहा कि ड्राइवर ने उसके साथ किसी भी तरह का यौन उत्पीड़न नहीं किया और यह पूरी कहानी उसके मालिकों द्वारा गढ़ी गई थी। उसने यह भी बताया कि उसी पर मारपीट की गई और झूठी शिकायत दर्ज कराने का दबाव बनाया गया। पीड़िता के बयान के आधार पर विनोबा भावे नगर पुलिस ने आरोपी पति-पत्नी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2) (जानबूझकर चोट पहुँचाना), 127(2) (गलत तरीके से कैद करना) और 352 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस सब-इंस्पेक्टर अभिजीत तानाजी नेवसे ने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है और पीड़िता को आवश्यक सुरक्षा और सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। यह मामला घरेलू कामगारों की सुरक्षा और उनके अधिकारों को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े करता है।

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