गाजियाबाद में सीएम योगी का सपा पर तीखा हमला, बोले— पहले दंगे और कर्फ्यू थे, अब विकास और सुरक्षा की पहचान
शिक्षक-स्नातक सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने सपा के पीडीए पर उठाए सवाल, श्रीचंद शर्मा और दिनेश गोयल के समर्थन में किया संबोधन

गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को गाजियाबाद के डासना स्थित सुंदरदीप कॉलेज में आयोजित शिक्षक-स्नातक सम्मेलन में समाजवादी पार्टी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। विधान परिषद चुनाव के मतदाताओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने सपा सरकार के कार्यकाल में दंगों, कर्फ्यू, खराब सड़कों और निवेश की कमी का मुद्दा उठाया। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश की पहचान सुरक्षा, बेहतर बुनियादी ढांचे, धार्मिक आयोजनों और शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों से बन रही है। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत भगवान राम, हनुमान, वृंदावन के बांके बिहारी, मां शाकुंभरी और भगवान शिव का स्मरण करते हुए की। उन्होंने नवरात्र के अवसर पर मां कात्यायनी की आराधना का उल्लेख किया और प्रदेश की सांस्कृतिक एवं धार्मिक परंपराओं पर प्रकाश डाला।
सपा के पीडीए पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगामी विधान परिषद चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी की रणनीति पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा ने राजनीतिक परिस्थितियों के अनुसार अपना रुख बदला है और टिकट वितरण में परिवारवाद तथा बाहरी प्रभाव को प्राथमिकता दी है। सपा के पीडीए नारे पर कटाक्ष करते हुए मुख्यमंत्री ने इसे ‘परिवार डेवलपमेंट पार्टी’ बताया। उन्होंने राज्यसभा चुनाव में टिकट वितरण का उल्लेख करते हुए सपा पर राजनीतिक स्वार्थ के आधार पर प्रत्याशी चुनने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा के शासनकाल में उत्तर प्रदेश की पहचान दंगों, कर्फ्यू और बदहाल सड़कों से जुड़ी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में निवेश का अनुकूल वातावरण नहीं था और उच्च शिक्षा संस्थानों के विकास में भी बाधाएं थीं। उन्होंने आजम खां से जुड़े विश्वविद्यालय का उल्लेख करते हुए तत्कालीन सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।
रामलीला और कांवड़ यात्रा का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि गाजियाबाद में बड़े स्तर पर रामलीला के आयोजन हो रहे हैं और प्रदेश में धार्मिक कार्यक्रमों के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध है। उन्होंने दावा किया कि पूर्ववर्ती सपा सरकार के समय कांवड़ यात्रा, रामलीला और दुर्गापूजा जैसे आयोजनों में अनेक कठिनाइयां आती थीं। उन्होंने काशी विश्वनाथ धाम के विकास और अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर विशेष ध्यान दे रही है। सहारनपुर में मां शाकुंभरी कॉरिडोर परियोजना का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए एलिवेटेड मार्ग का निर्माण कराया जा रहा है। इससे बरसात के दौरान आने वाली परेशानियों को कम करने में मदद मिलेगी।
नमो भारत ट्रेन, जेवर एयरपोर्ट और एक्सप्रेसवे परियोजनाओं का जिक्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि दिल्ली और मेरठ के बीच नमो भारत ट्रेन ने आवागमन को सुगम बनाया है। उन्होंने जेवर एयरपोर्ट और एक्सप्रेसवे परियोजनाओं को प्रदेश के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सपा सरकार ने एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के लिए धनराशि रोकने का काम किया था, जबकि भाजपा सरकार ने इन परियोजनाओं को आगे बढ़ाया। मुख्यमंत्री ने सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मिर्जापुर और अलीगढ़ में विश्वविद्यालयों के विकास का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक जिले में मेडिकल कॉलेज की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार काम कर रही है।
नौकरियों और स्टार्टअप को लेकर सरकार की उपलब्धियां गिनाईं
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने सरकारी नियुक्तियों का उल्लेख करते हुए दावा किया कि पिछले नौ वर्षों में लगभग साढ़े नौ लाख नौकरियां देने की दिशा में काम किया गया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के युवा अब केवल नौकरी पाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उद्यमिता और स्टार्टअप के माध्यम से दूसरों को रोजगार देने की दिशा में भी आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रदेश में लगभग 24 हजार स्टार्टअप हैं। उन्होंने मेट्रो और अन्य परिवहन परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार शहरी यातायात सुविधाओं के विस्तार पर भी काम कर रही है।
शिक्षकों को बताया युग निर्माता
शिक्षक-स्नातक सम्मेलन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि शिक्षक समाज और राष्ट्र के भविष्य का निर्माण करते हैं। इसलिए उनकी समस्याओं का समाधान करना और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीचंद शर्मा और दिनेश गोयल ने शिक्षकों के हितों से जुड़ी कई मांगें सरकार के सामने रखी थीं, जिन पर काम किया गया है। उन्होंने बताया कि दोनों को एक बार फिर विधान परिषद चुनाव के लिए प्रत्याशी बनाया गया है। मुख्यमंत्री ने सम्मेलन में उपस्थित शिक्षक और स्नातक मतदाताओं के सामने सरकार के कार्यों का उल्लेख करते हुए आगामी विधान परिषद चुनाव को महत्वपूर्ण बताया।
