गणपति विसर्जन के लिए मुंबई में अभेद्य सुरक्षा, 24 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी होंगे तैनात

AI से ट्रैफिक और रूट मैनेजमेंट, ड्रोन से भीड़ पर नजर; SRPF, CAPF, QRT और बम निरोधक दस्ते भी रहेंगे मुस्तैद

मुंबई। अनंत चतुर्दशी पर 25 सितंबर को होने वाले गणेश प्रतिमाओं के अंतिम विसर्जन के लिए मुंबई पुलिस ने पूरे शहर में व्यापक सुरक्षा बंदोबस्त किया है। लाखों श्रद्धालुओं और बड़ी संख्या में गणेश मंडलों के विसर्जन जुलूसों को देखते हुए 24 हजार से अधिक पुलिस अधिकारी, कर्मचारी और प्रशिक्षु सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात किए जाएंगे। सुरक्षा व्यवस्था पुलिस आयुक्त के मार्गदर्शन में की गई है और इसकी निगरानी संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) तथा संयुक्त पुलिस आयुक्त (यातायात) करेंगे। पुलिस बंदोबस्त में छह संयुक्त पुलिस आयुक्त, नौ अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, 38 पुलिस उपायुक्त और 66 सहायक पुलिस आयुक्त शामिल होंगे। इसके अलावा 3,213 पुलिस अधिकारी, 18,940 पुलिसकर्मी और 1,050 प्रशिक्षु पुलिसकर्मियों को भी विसर्जन बंदोबस्त में लगाया जाएगा। शहर के प्रमुख और संवेदनशील स्थानों पर सामान्य पुलिस बल के अलावा रैपिड एक्शन फोर्स (RAF), स्टेट रिजर्व पुलिस फोर्स (SRPF), Force One, क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT), लॉ एंड ऑर्डर प्लाटून, दंगा नियंत्रण पुलिस, डेल्टा यूनिट, कॉम्बैट टीम और होमगार्ड की भी तैनाती की जाएगी। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई के लिए विशेष दस्तों को तैयार रखा जाएगा।
एंटी-ड्रोन स्क्वाड भी रहेगा मुस्तैद
सुरक्षा व्यवस्था में इस बार एंटी-ड्रोन स्क्वाड को भी शामिल किया गया है। प्रमुख विसर्जन स्थलों और अत्यधिक भीड़ वाले इलाकों में विशेष निगरानी रखी जाएगी। हथियारबंद पुलिसकर्मियों और QRT को रणनीतिक स्थानों पर तैनात किया जाएगा। विसर्जन के दौरान भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा निगरानी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक की मदद ली जाएगी। गणेश मंडलों की आवाजाही, भीड़ के घनत्व और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विशेष निगरानी व्यवस्था की गई है। गिरगांव और जुहू चौपाटी जैसे प्रमुख क्षेत्रों में भी AI आधारित निगरानी की तैयारी है। शहर में लगे CCTV कैमरों के माध्यम से भी पुलिस लगातार निगरानी रखेगी। भीड़ के बीच संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
गिरगांव चौपाटी पर सबसे ज्यादा फोकस
मुंबई के प्रमुख विसर्जन स्थल गिरगांव चौपाटी पर भारी भीड़ को देखते हुए विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है। इसके अलावा दादर, माहिम, वर्सोवा, पवई और अन्य प्रमुख विसर्जन स्थलों पर भी अतिरिक्त पुलिस बल लगाया जाएगा। वर्सोवा रैंप और मध जेट्टी जैसे इलाकों में भी सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के इंतजाम किए गए हैं। बीएमसी ने इस वर्ष शहर में 383 कृत्रिम तालाब तैयार किए हैं और 67 प्राकृतिक विसर्जन स्थलों पर व्यवस्था की है। प्राकृतिक स्थलों में समुद्र तट, जेट्टी और प्राकृतिक तालाब शामिल हैं।
भीड़ में बिछड़े बच्चों और महिलाओं के लिए अलग टीमें
विसर्जन के दौरान भारी भीड़ में बच्चों, महिलाओं और अन्य नागरिकों के परिजनों से बिछड़ने की घटनाओं को देखते हुए अलग टीमें तैनात करने की व्यवस्था की गई है। लापता बच्चों से संबंधित सूचना स्क्रीन के माध्यम से प्रदर्शित करने की भी तैयारी है, ताकि उन्हें जल्द से जल्द परिवार से मिलाया जा सके। पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को भीड़ के अचानक एक स्थान पर जमा होने से रोकने, श्रद्धालुओं की आवाजाही लगातार बनाए रखने और भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न न होने देने के लिए विशेष निर्देश दिए गए हैं।
ट्रैफिक पुलिस का भी बड़ा बंदोबस्त
विसर्जन जुलूसों के कारण शहर के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात का भारी दबाव रहने की संभावना है। इसके मद्देनजर करीब 3,500 ट्रैफिक पुलिस अधिकारी और कर्मचारी तथा लगभग 7,000 स्वयंसेवकों की सेवाएं लेने की तैयारी है। विभिन्न समुद्र तटों के आसपास ट्रैफिक नियंत्रण व्यवस्था के साथ वॉचटावर भी स्थापित किए गए हैं। लालबाग और परेल क्षेत्र में निकलने वाले बड़े गणेश मंडलों के जुलूसों को देखते हुए विशेष ट्रैफिक प्लान तैयार किया गया है। वाहनों के लिए BPT ग्राउंड में पार्किंग व्यवस्था रखी गई है। ट्रैफिक राइडर्स सड़कों पर लगातार गश्त करेंगे, जबकि आपात स्थिति अथवा वाहन खराब होने पर रास्ता तुरंत साफ करने के लिए एंबुलेंस और क्रेन तैयार रखी जाएंगी। बीएमसी की ओर से भी विसर्जन स्थलों पर बड़े पैमाने पर इंतजाम किए गए हैं। शहरभर में 25 हजार से अधिक मनपा अधिकारी-कर्मचारियों के साथ 34 क्रेन, 85 एंबुलेंस और 10 मोटरबोट सहित अन्य संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं।

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