बीएमसी के ‘श्रीगणेश गौरव पुरस्कार-2026’ घोषित, अंधेरी के स्वप्नाक्षय मित्र मंडल को प्रथम पुरस्कार
‘भटवाडीचा राजा’ को दूसरा और पंचगंगा सार्वजनिक उत्सव मंडल को तीसरा स्थान, शाडू मिट्टी की सर्वश्रेष्ठ गणेश प्रतिमा का सम्मान कांजूरमार्ग के शिवशक्ति मंडल को, 14 मंडलों को मिलेंगे विशेष प्रशस्ति पत्र

मुंबई। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) की ओर से गणेशोत्सव मंडलों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित ‘श्रीगणेश गौरव पुरस्कार स्पर्धा-2026’ के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। बुधवार को मुंबई की महापौर रितु तावड़े ने पत्रकार परिषद में विजेता गणेशोत्सव मंडलों और विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार प्राप्त करने वालों के नामों की घोषणा की। अंधेरी पश्चिम के ‘स्वप्नाक्षय मित्र मंडल, सार्वजनिक गणेशोत्सव’ ने प्रतियोगिता में पहला स्थान हासिल किया है। मंडल को प्रथम पुरस्कार के रूप में ₹75 हजार की राशि और सम्मानचिह्न प्रदान किया जाएगा। पत्रकार परिषद में उपमहापौर संजय घाडी और अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (पूर्व उपनगर) डॉ. अविनाश ढाकणे भी उपस्थित रहे। प्रतियोगिता में गणेशोत्सव मंडलों की सजावट और गणेश प्रतिमा के साथ पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक जागरूकता तथा जनहित से जुड़े संदेशों को भी महत्व दिया गया। घाटकोपर पश्चिम के प्रसिद्ध ‘अखिल भटवाडी सार्वजनिक उत्सव मंडल’, जिसे ‘भटवाडीचा राजा’ के नाम से जाना जाता है, को प्रतियोगिता में दूसरा स्थान मिला है। मंडल को द्वितीय पुरस्कार के रूप में ₹50 हजार और सम्मानचिह्न दिया जाएगा। वहीं करीरोड के ‘पंचगंगा सार्वजनिक उत्सव मंडल’ को तीसरे स्थान के लिए चुना गया है। मंडल को ₹35 हजार की पुरस्कार राशि के साथ सम्मानचिह्न प्रदान किया जाएगा।
शाडू मिट्टी की सर्वश्रेष्ठ गणेश प्रतिमा कांजूरमार्ग में
पर्यावरण अनुकूल गणेशोत्सव को बढ़ावा देने की दिशा में इस वर्ष शाडू मिट्टी से बनाई गई सर्वश्रेष्ठ श्रीगणेश प्रतिमा के लिए भी अलग पुरस्कार घोषित किया गया है। इस श्रेणी में कांजूरमार्ग के ‘शिवशक्ति सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल’ को विजेता चुना गया। मंडल को ₹25 हजार और सम्मानचिह्न देकर सम्मानित किया जाएगा। बीएमसी की ओर से गणेश प्रतिमाओं को आकार देने वाले मूर्तिकार और आकर्षक सजावट तैयार करने वाले कलाकारों को भी पुरस्कारों में स्थान दिया गया है। विलेपार्ले स्थित बाल गोपाल मित्र मंडल के ‘मुंबईचा पेशवा’ की गणेश प्रतिमा तैयार करने वाले श्री मयेकर को ‘सर्वश्रेष्ठ मूर्तिकार’ पुरस्कार के लिए चुना गया है। उन्हें ₹25 हजार और सम्मानचिह्न प्रदान किया जाएगा। इसी प्रकार बोरिवली पूर्व स्थित विघ्नहर्ता रहिवाशी मित्र मंडल के ‘चंपाभुवनचा विघ्नहर्ता’ की सजावट के लिए रेशमा शिंदे को ‘सर्वश्रेष्ठ नेपथ्यकार (सजावटकार)’ पुरस्कार देने की घोषणा की गई है। उन्हें ₹20 हजार की पुरस्कार राशि और सम्मानचिह्न दिया जाएगा।
अंगदान और पर्यावरण जागरूकता के लिए भी सम्मान
गणेशोत्सव के माध्यम से सामाजिक सरोकारों को लोगों तक पहुंचाने वाले मंडलों को भी प्रतियोगिता में विशेष रूप से प्रोत्साहित किया गया है। अंगदान के प्रति जनजागरूकता फैलाने के लिए विक्रोली पश्चिम के ‘बालमित्र कला मंडल’ को पुरस्कार के लिए चुना गया है। मंडल को ₹15 हजार और सम्मानचिह्न प्रदान किया जाएगा। पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए दो मंडलों को पुरस्कार दिया जाएगा। कोकणीपाडा, दहिसर पूर्व स्थित ‘श्री श्रद्धा मित्र मंडल’ और दादर पश्चिम के ‘शिवाजी पार्क सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल’ को पर्यावरण विषयक जनजागृति के लिए ₹10-10 हजार और सम्मानचिह्न प्रदान किए जाएंगे।
दो मंडलों को प्रोत्साहन पुरस्कार
गोरेगांव पश्चिम स्थित ‘बेस्ट नगर गणेशोत्सव मंडल’ और मालवणी, मालाड के ‘युवक उत्कर्ष मंडल’ को प्रोत्साहन पुरस्कार के लिए चुना गया है। दोनों मंडलों को ₹10-10 हजार की पुरस्कार राशि के साथ सम्मानचिह्न दिया जाएगा। इसके अलावा प्रतियोगिता में भाग लेने वाले 14 अन्य गणेशोत्सव मंडलों को उनके उल्लेखनीय कार्य के लिए विशेष प्रशस्ति पत्र प्रदान करने की घोषणा की गई है। बीएमसी की ‘श्रीगणेश गौरव पुरस्कार स्पर्धा’ के माध्यम से सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडलों के बीच बेहतर आयोजन के साथ सामाजिक जिम्मेदारी, पर्यावरण संरक्षण और जनजागरूकता को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जा रहा है। इस बार भी पारंपरिक श्रद्धा और उत्सव के साथ सामाजिक संदेश देने वाले मंडलों को अलग-अलग श्रेणियों में स्थान दिया गया है। महापौर रितु तावड़े द्वारा घोषित इन पुरस्कारों में जहां बड़े सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडलों की समग्र प्रस्तुति को सम्मानित किया गया है, वहीं शाडू मिट्टी की पर्यावरण अनुकूल प्रतिमा, मूर्तिकला, सजावट, अंगदान जागरूकता और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों को भी पुरस्कारों में शामिल किया गया है। विजेता मंडलों और कलाकारों को निर्धारित पुरस्कार राशि के साथ सम्मानचिह्न प्रदान किए जाएंगे।
