
मीरा-भाईंदर। मीरा-भाईंदर महानगरपालिका की नवगठित नगरपथ विक्रेता समिति की पहली बैठक बुधवार को महानगरपालिका आयुक्त राधाबिनोद ए.शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में शहर के सभी पथ विक्रेताओं (फुटपाथ विक्रेताओं) के डिजिटल सशक्तिकरण को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने का महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक निर्णय लिया गया। बैठक में पथ विक्रेताओं के आर्थिक सशक्तिकरण के साथ-साथ डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देने पर विस्तृत चर्चा की गई। निर्णय के अनुसार शहर के सभी पथ विक्रेताओं को डिजिटल भुगतान प्रणाली से जोड़ा जाएगा, जिससे उनके व्यवसाय में पारदर्शिता, सुरक्षा और आधुनिक तकनीक का समावेश हो सकेगा। समिति के सदस्यों ने एकमत से इस बात का समर्थन किया कि सभी पथ विक्रेता डिजिटल पेमेंट प्रणाली अपनाएं और उन्हें डिजिटल अर्थव्यवस्था की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं। समिति की पहली ही बैठक में इस दिशा में उठाया गया कदम शहर के पथ विक्रेताओं के लिए महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। आयुक्त राधाबिनोद शर्मा ने कहा कि जो पथ विक्रेता अभी तक डिजिटल भुगतान प्रणाली का उपयोग नहीं कर रहे हैं, उन्हें भी जल्द से जल्द इसे अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बदलते तकनीकी युग में डिजिटल लेन-देन व्यवसाय को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाता है। साथ ही डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध होने से भविष्य में विभिन्न सरकारी योजनाओं और वित्तीय सुविधाओं का लाभ प्राप्त करना भी आसान हो जाता है। उन्होंने बताया कि मीरा-भाईंदर महानगरपालिका पथ विक्रेताओं के आर्थिक सशक्तिकरण, डिजिटल समावेशन और आत्मनिर्भरता के लिए लगातार प्रयास कर रही है। शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। बैठक में पथ विक्रेताओं से आधुनिक तकनीक को अपनाने तथा सरकारी योजनाओं और डिजिटल सशक्तिकरण अभियानों में सक्रिय भागीदारी करने का भी आह्वान किया गया। इस पहल से शहर में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ छोटे व्यापारियों की आर्थिक स्थिति को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।



