
मुंबई। सिंहस्थ कुंभ मेले के आयोजन के लिए प्रस्तावित बाहरी रिंग रोड परियोजना में कम से कम भूमि अधिग्रहण करने की दिशा में कार्यवाही की जा रही है। मातोरी और मुंगसरे क्षेत्र में रिंग रोड के प्रस्तावित मार्ग में कुछ विशिष्ट व्यक्तियों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से बदलाव किया गया है या नहीं, इसकी उच्चस्तरीय जांच कराई जाएगी। जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई कर किसानों को न्याय दिलाया जाएगा। गुरुवार को यह जानकारी राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने विधानसभा में दी। सिंहस्थ कुंभ मेले के लिए प्रस्तावित रिंग रोड के मार्ग में बदलाव को लेकर विधानसभा सदस्य विजय वडेट्टीवार द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए मंत्री बावनकुले ने यह जानकारी दी। इस दौरान सदस्य सरोज अहिरे ने भी चर्चा में हिस्सा लिया। राजस्व मंत्री बावनकुले ने कहा कि यह रिंग रोड भविष्य में आयोजित होने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजना है। परियोजना को लागू करते समय किसानों को विश्वास में लेकर उन्हें उचित और संतोषजनक मुआवजा देने पर सरकार का जोर रहेगा। उन्होंने कहा कि परियोजना के लिए कम से कम भूमि का अधिग्रहण करना पड़े, इस दिशा में योजना बनाई जा रही है। भूमि की माप के दौरान कुछ स्थानों पर तनाव की स्थिति पैदा हुई थी। किसानों के विरोध के कारण अधिकारियों ने सुरक्षा की दृष्टि से हेलमेट और अन्य सुरक्षात्मक उपकरणों का इस्तेमाल किया था। हालांकि, सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि परियोजना के कारण किसी के साथ अन्याय न हो।
अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में होगी उच्चस्तरीय जांच
मंत्री बावनकुले ने बताया कि इस पूरे मामले की जांच अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली उच्चस्तरीय समिति से कराई जाएगी। रिंग रोड के प्रस्तावित मार्ग में तीन बार किए गए बदलावों की गहन जांच की जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों या संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। राजस्व मंत्री बावनकुले ने स्पष्ट किया कि सरकार को जमीन देने की प्रक्रिया में किसी प्रकार का भ्रष्टाचार हुआ है या रिंग रोड के प्रस्तावित मार्ग में बदलाव की पूर्व जानकारी हासिल कर किसानों से जमीन खरीदी गई है, तो ऐसे मामलों की भी जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच में अनियमितता या भ्रष्टाचार सामने आने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी और किसानों को न्याय दिलाया जाएगा।



