
17 एनडीआरएफ और 6 एसडीआरएफ टीमें तैनात, भूस्खलन और बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन अलर्ट
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे, रेल मार्ग और कई हाईवे प्रभावित; नागरिकों से सतर्क रहने की अपील
मुंबई। महाराष्ट्र के कई जिलों में अगले कुछ दिनों तक भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना को देखते हुए राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) ने नागरिकों से प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है। संभावित आपदा से निपटने के लिए राज्य के विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की 17 तथा राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की 6 टीमें तैनात की गई हैं। मानसून के मद्देनज़र एनडीआरएफ की अग्रिम तैनाती के तहत पालघर और नागपुर में दो-दो टीमें, जबकि पुणे, ठाणे, रायगढ़, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग, सातारा, कोल्हापुर, सांगली और धाराशिव में एक-एक टीम तैनात की गई है। मुंबई में चार एनडीआरएफ टीमें तैनात हैं। वहीं एसडीआरएफ की कुल छह टीमों में धुले और नागपुर में दो-दो, जबकि नांदेड़ और गढ़चिरौली में एक-एक टीम तैनात की गई है। बीते 24 घंटों में मुंबई के सांताक्रूज़ में 151.2 मिमी और कोलाबा में 128 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा लोनावला में 670 मिमी, अंबोना में 537 मिमी, ताम्हिणी में 580 मिमी, भीवपुरी में 266 मिमी, विभाग में 305 मिमी, निलशी में 275 मिमी, मुलशी में 230 मिमी, माथेरान में 302 मिमी, कर्जत में 291.5 मिमी, पनवेल में 182.5 मिमी, जुहू हवाई अड्डे पर 325 मिमी तथा भाईंदर में 188.5 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण माथेरान, लोनावला, खोपोली और लोहगढ़ क्षेत्र में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। इन इलाकों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। जिला प्रशासन और एनडीआरएफ के साथ समन्वय बनाकर राहत एवं बचाव कार्य जारी हैं। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) से GEO-DSS प्रणाली के माध्यम से जोखिम का विश्लेषण कर लगातार अलर्ट जारी किए जा रहे हैं।
भूस्खलन के कारण मुंबई-गोवा राष्ट्रीय राजमार्ग पर कशेड़ी घाट में यातायात बंद कर दिया गया है। खोपोली में जलभराव के कारण पुराना मुंबई-पुणे राजमार्ग भी बंद है। वहीं पुणे-मुंबई एक्सप्रेसवे के मिसिंग लिंक क्षेत्र में भूस्खलन होने से दोनों दिशाओं का यातायात रोक दिया गया है। मंकी हिल से ठाकुरवाड़ी के बीच रेल पटरियों पर भी भूस्खलन होने से पुणे-मुंबई रेल सेवा प्रभावित हुई है। सड़क और रेल यातायात बहाल करने के लिए युद्धस्तर पर मलबा हटाने का कार्य जारी है।
मावल तालुका के घोरावाड़ी (तलेगांव दाभाडे) में बाढ़ के पानी में 25 यात्रियों से भरी एक बस फंस गई थी, जिन्हें एनडीआरएफ की टीम ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया। वहीं मावल के पाटन गांव में भूस्खलन से एक मकान मलबे में दब गया है। आशंका है कि 3 से 4 लोग मलबे में फंसे हुए हैं। मौके पर एनडीआरएफ की टीम राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई है।
इसके अलावा मुंबई के मानखुर्द में एक इमारत झुग्गियों पर गिरने से 6 लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति घायल हुआ है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और राहत कार्य जारी है।



