
मुंबई। मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच बॉम्बे हाई कोर्ट ने अधिवक्ताओं और वादकारियों को बड़ी राहत दी है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि यदि खराब मौसम और जलभराव के कारण वकील सोमवार को न्यायालय नहीं पहुंच पाते हैं, तो उनके मामलों में कोई प्रतिकूल आदेश पारित नहीं किया जाएगा और न ही केवल अनुपस्थिति के आधार पर मामलों को खारिज किया जाएगा। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) द्वारा मुंबई, ठाणे और रायगढ़ जिलों के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किए जाने के बाद हाई कोर्ट ने यह महत्वपूर्ण आश्वासन दिया। आईएमडी ने इन क्षेत्रों में तेज़ हवाओं के साथ अत्यधिक भारी वर्षा, जलभराव और अचानक बाढ़ जैसी परिस्थितियां उत्पन्न होने की चेतावनी दी है तथा नागरिकों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। इस पृष्ठभूमि में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रविंद्र घुगे ने विभिन्न वकील संघों को आश्वस्त किया कि मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण यदि अधिवक्ता अदालत में उपस्थित नहीं हो पाते हैं तो उनके मामलों में किसी भी प्रकार का प्रतिकूल आदेश पारित नहीं किया जाएगा। हाई कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था केवल एक पीठ तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि बॉम्बे हाई कोर्ट की सभी पीठों पर समान रूप से लागू होगी। अदालत ने कहा कि खराब मौसम के कारण किसी भी पक्षकार या अधिवक्ता के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।गौरतलब है कि लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण मुंबई महानगर क्षेत्र के कई हिस्सों में जलभराव, यातायात बाधित होने और सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की स्थिति बनी हुई है। ऐसे हालात को देखते हुए हाई कोर्ट का यह निर्णय वकीलों और मुकदमेबाजों के लिए राहतभरा माना जा रहा है।



