एमपीएससी आंदोलन को लेकर गुणरत्न सदावर्ते का रोहित पवार पर हमला
कहा– आंदोलन से छात्रों को कुछ नहीं मिला, सिर्फ राजनीति हुई

मुंबई। एमपीएससी आंदोलन को लेकर वरिष्ठ अधिवक्ता गुणरत्न सदावर्ते ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार पर तीखा हमला बोला है। पत्रकार परिषद में सदावर्ते ने आरोप लगाया कि एमपीएससी छात्रों के मुद्दे पर राजनीति की गई और आंदोलन से विद्यार्थियों को कोई ठोस लाभ नहीं मिला। सदावर्ते ने कहा, “महाराष्ट्र संविधान के प्रति जागरूक है, इसके बावजूद एमपीएससी विद्यार्थियों को गुमराह करने का प्रयास किया गया। आंदोलन के जरिए छात्रों को कुछ मिलने वाला नहीं था, केवल राजनीति बड़ी हुई।” उन्होंने रोहित पवार पर निशाना साधते हुए कहा कि अब छात्रों के सवालों का जवाब उन्हें देना होगा। सदावर्ते ने एमपीएससी अध्यक्ष की जांच को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि तुकाराम मुंढे एमपीएससी अध्यक्ष की जांच नहीं कर सकते। उनके अनुसार, संविधान के अनुच्छेद 317 के तहत राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष या सदस्य के खिलाफ जांच की एक निर्धारित संवैधानिक प्रक्रिया है। उन्होंने दावा किया कि ऐसी स्थिति में राज्यपाल की ओर से सर्वोच्च न्यायालय को संदर्भ भेजे जाने और वहां से प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद ही जांच संभव है। इसलिए वर्तमान समिति द्वारा एमपीएससी अध्यक्ष की जांच किए जाने पर उन्होंने सवाल उठाया। सदावर्ते ने यह भी कहा कि जिस अवधि को लेकर आरोप लगाए जा रहे हैं, उस समय संबंधित अधिकारी पद पर ही नहीं थे, तो उनकी जांच की मांग कैसे की जा सकती है। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान रोहित पवार जिस तरह सक्रिय थे, उससे आंदोलन के राजनीतिक स्वरूप पर सवाल खड़े होते हैं। सदावर्ते ने कहा कि एमपीएससी छात्रों को वास्तविक समाधान चाहिए, न कि उनके मुद्दों का राजनीतिक इस्तेमाल। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में छात्र इस पूरे मामले पर जवाब मांगेंगे।
