‘विकसित महाराष्ट्र’ के लिए अधिकारियों को नए कौशल और तकनीक अपनानी होगी: अपर मुख्य सचिव विकास खारगे


मुंबई। राजस्व विभाग के अपर मुख्य सचिव विकास खारगे ने कहा कि सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को बदलते समय के अनुसार नई कौशल क्षमताएं विकसित कर खुद को भविष्य के लिए तैयार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि ‘विकसित महाराष्ट्र’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी को व्यापक दृष्टिकोण, समन्वय और जिम्मेदारी के साथ काम करना होगा। वे राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए आयोजित ‘फ्रॉम फाइल्स टू फ्यूचर’ प्रशिक्षण सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति में क्षमता होती है और दूसरों की नकल करने की बजाय अपनी क्षमता पहचानकर आगे बढ़ना चाहिए। खारगे ने कहा कि प्रशासनिक कामकाज में सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाकर स्वयं जिम्मेदारी लेने से अनुभव, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और विश्वसनीयता बढ़ती है। उन्होंने अधिकारियों से सरकार के निःशुल्क iGOT प्रशिक्षण मंच पर उपलब्ध पाठ्यक्रमों का नियमित लाभ लेने तथा पढ़ने, सुनने और दृश्य माध्यमों से लगातार सीखते रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि तकनीक के उपयोग से प्रशासनिक कामकाज में गति, पारदर्शिता और सुरक्षा बढ़ती है, इसलिए बदलती तकनीक को अपनाना जरूरी है। विभिन्न विभागों, संस्थाओं और संबंधित पक्षों के साथ बेहतर समन्वय के जरिए ही विकसित महाराष्ट्र का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। खारगे ने कहा कि व्यक्ति बदलते रहते हैं, लेकिन व्यवस्था सक्षम और कार्यक्षम बनी रहनी चाहिए। इसी दृष्टिकोण से राजस्व विभाग में आवश्यक बदलाव करने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने राजस्व विभाग को शासन की रीढ़ बताते हुए कहा कि समाज परिवर्तन और नागरिकों का जीवनस्तर बेहतर बनाने में अधिकारियों और कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। नागरिकों की समस्याओं को समझते हुए संवेदनशीलता से काम करने और प्रत्येक निर्णय का सामाजिक लाभ ध्यान में रखने की आवश्यकता है। कार्यक्रम में राजस्व मंत्री के निजी सचिव प्रवीण महाजन, विशेष कार्य अधिकारी शिवाजी पाटील, संयुक्त सचिव संपत सूर्यवंशी सहित विभाग के अनेक वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।

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