
मुंबई। महाराष्ट्र में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए पिछले कुछ वर्षों से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप राज्य ने विदेशी निवेश के मामले में देश में अपना पहला स्थान बरकरार रखा है। राज्य के युवाओं को उद्योगों के लिए आवश्यक कौशल उपलब्ध कराने के लिए कौशल विकास पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी कड़ी में टाटा टेक्नोलॉजीज के सहयोग से राज्य में स्किल सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं, जहां हर वर्ष लगभग 35 हजार युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह जानकारी सोमवार को राज्य के उद्योग मंत्री उदय सामंत ने विधान परिषद में नियम 260 के अंतर्गत प्रस्ताव का उत्तर देते हुए दी। मंत्री उदय सामंत ने बताया कि वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम एनुअल मीटिंग (दावोस सम्मेलन) के दौरान राज्य सरकार ने विभिन्न उद्योग समूहों के साथ बड़े पैमाने पर समझौता ज्ञापन (MoU) किए हैं। वर्ष 2022 में 80,588 करोड़ रुपये, 2023 में 1,37,393 करोड़ रुपये, 2024 में 3,16,739 करोड़ रुपये, 2025 में 12,23,081 करोड़ रुपये और 2026 में 31,25,882 करोड़ रुपये के निवेश समझौते किए गए हैं। इनमें से उद्योग विभाग के 67 समझौते लगभग 15,15,182 करोड़ रुपये के हैं। उन्होंने बताया कि इन समझौतों में लगभग 70 से 75 प्रतिशत निवेश विदेशी निवेश है।
दावोस समझौतों पर जल्द जारी होगी ‘भगवी पत्रिका’
दावोस में हुए समझौतों की स्थिति स्पष्ट करने के लिए राज्य सरकार जल्द ही ‘भगवी पत्रिका’ जारी करेगी। इसमें वर्ष 2022 से 2025 के बीच हुए समझौतों के क्रियान्वयन की जानकारी दी जाएगी। इस पत्रिका में यह बताया जाएगा कि कितने प्रोजेक्ट वास्तव में शुरू हो चुके हैं, कितने प्रक्रिया में हैं और कितने प्रोजेक्ट अभी लंबित हैं।
गढ़चिरोली में बनेगा बड़ा स्टील हब
मंत्री सामंत ने बताया कि गढ़चिरौली जिले के सूरजगढ़ क्षेत्र में लगभग 1.25 लाख करोड़ रुपये के निवेश से स्टील उद्योग विकसित किया जा रहा है। इससे भविष्य में गढ़चिरोली एक बड़े औद्योगिक केंद्र के रूप में उभरेगा और स्थानीय युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
जिलास्तरीय निवेश सम्मेलन से बढ़े अवसर
राज्य के स्थानीय उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए जिलास्तरीय निवेश सम्मेलनों की शुरुआत की गई है। इसके माध्यम से अब तक 1,27,322 करोड़ रुपये के निवेश समझौते किए जा चुके हैं, जिससे लगभग एक लाख रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। इसके अलावा हाल ही में 44,710 करोड़ रुपये के निवेश समझौते किए गए हैं, जिनसे करीब 30 हजार रोजगार मिलने की संभावना है।
कौशल विकास के लिए आधुनिक स्किल सेंटर
राज्य के युवाओं को उद्योगों के लिए तैयार करने के उद्देश्य से कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके तहत टाटा टेक्नोलॉजी के सहयोग से राज्य के विभिन्न स्थानों पर आधुनिक तकनीक से लैस स्किल सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं। इस परियोजना में लगभग 950 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। इन केंद्रों के माध्यम से हर साल करीब 35 हजार युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। मंत्री उदय सामंत ने कहा कि उद्योग विभाग केवल उद्योग लाने तक सीमित नहीं है, बल्कि रोजगार सृजन, कौशल विकास और आधारभूत ढांचे के निर्माण पर भी समान रूप से ध्यान दे रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में भी महाराष्ट्र विदेशी निवेश के मामले में देश में अग्रणी बना रहेगा।




