
नागपुर। वर्तमान अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को देखते हुए उत्पादन और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में बड़े अवसर उभर रहे हैं, लेकिन इसके साथ नई चुनौतियां भी सामने आ रही हैं। लॉजिस्टिक्स पर होने वाला खर्च फिलहाल उत्पादन क्षेत्र के सामने सबसे बड़ी चुनौती है और यदि भारत को वैश्विक सप्लाई चेन का प्रभावी हिस्सा बनना है, तो विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनना अत्यंत आवश्यक होगा। रविवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने नागपुर के गोंडखैरी में स्थापित गोदाम लॉजिस्टिक्स पार्क के उद्घाटन अवसर पर कही। यह लॉजिस्टिक्स पार्क गोदाम लॉजिस्टिक्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा विकसित किया गया है। कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, विधायक आशीष देशमुख, परिणय फुके, कंपनी के निदेशक महावीर जैन सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि नागपुर और गडचिरोली क्षेत्र अब तेजी से औद्योगिक निवेश आकर्षित कर रहे हैं, जिससे लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में व्यापक अवसर उपलब्ध होंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पार्क नागपुर के आर्थिक विकास में मील का पत्थर साबित होगा और बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा करेगा। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि माल परिवहन में इलेक्ट्रिक वाहनों का बड़े पैमाने पर उपयोग होने से ईंधन खर्च कम होगा, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और लॉजिस्टिक्स लागत में भी उल्लेखनीय कमी आएगी। कंपनी के निदेशक महावीर जैन ने अपने संबोधन में बताया कि यह पार्क मध्य भारत के सबसे बड़े एकीकृत औद्योगिक लॉजिस्टिक्स पार्कों में से एक है। लगभग 105 एकड़ क्षेत्र में फैले इस प्रकल्प में 25 लाख वर्ग फुट क्षमता वाले अत्याधुनिक ‘ग्रेड ए’ वेयरहाउस विकसित किए गए हैं। इस पार्क में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित स्मार्ट वेयरहाउसिंग सुविधा उपलब्ध कराई गई है। परियोजना के माध्यम से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 15 हजार रोजगार सृजित होने की संभावना है। राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 44 और समृद्धि महामार्ग से रणनीतिक रूप से जुड़े इस प्रकल्प में करीब 600 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। साथ ही परिसर में सौर ऊर्जा संयंत्र भी स्थापित किया गया है, जिससे यह परियोजना पर्यावरण-अनुकूल लॉजिस्टिक्स मॉडल के रूप में भी उभर रही है।




