महाराष्ट्र के पूर्व अग्निवीरों को सरकारी नौकरी में 10 प्रतिशत आरक्षण, लिखित परीक्षा से भी मिलेगी पूरी छूट
फडणवीस कैबिनेट का बड़ा फैसला; पुलिस, जेल, होमगार्ड, वन, आबकारी और महानगरपालिकाओं की वर्दीधारी ग्रुप-C सेवाओं में मिलेगा लाभ

मुंबई। महाराष्ट्र के पूर्व अग्निवीरों के लिए राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण फैसला लिया है। मंगलवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में महाराष्ट्र के निवासी पूर्व अग्निवीरों को राज्य की वर्दीधारी ग्रुप-C सेवाओं की भर्ती में 10 प्रतिशत समांतर आरक्षण देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही पूर्व अग्निवीरों को सरकारी और अर्धसरकारी सेवाओं में शामिल करने के लिए नीति भी निर्धारित की गई है। केंद्र सरकार ने वर्ष 2022 में थलसेना, नौसेना और वायुसेना में भर्ती के लिए अग्निपथ योजना शुरू की थी। योजना के तहत 17.5 से 21 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को चार वर्ष के लिए सशस्त्र बलों में भर्ती किया जाता है। इस अवधि में अग्निवीरों को अनुशासन, नेतृत्व, तकनीकी कौशल, आपदा प्रबंधन, सुरक्षा और संगठनात्मक कार्यप्रणाली का प्रशिक्षण दिया जाता है। चार वर्ष की सेवा पूरी होने के बाद प्रदर्शन, अनुशासन और कौशल के आधार पर 25 प्रतिशत अग्निवीरों को स्थायी रूप से सशस्त्र बलों में शामिल किए जाने का प्रावधान है। चार वर्ष की सेवा के बाद बाहर आने वाले पूर्व अग्निवीरों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए महाराष्ट्र के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय सचिव समिति गठित की गई थी। समिति ने गृह विभाग, राज्य आबकारी विभाग, वन विभाग और नगर विकास विभाग सहित विभिन्न विभागों की वर्दीधारी ग्रुप-C सेवाओं में पूर्व अग्निवीरों की नियुक्ति को लेकर सिफारिशें की थीं। इन्हीं सिफारिशों के आधार पर तैयार नीति को मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी है। नई व्यवस्था के तहत महाराष्ट्र के निवासी पूर्व अग्निवीरों को 10 प्रतिशत समांतर आरक्षण मिलेगा। आवश्यकता पड़ने पर कुछ पदों के लिए इस आरक्षण की सीमा 10 प्रतिशत से अधिक भी की जा सकेगी। हालांकि, ऐसा करते समय मौजूदा सामाजिक आरक्षण को प्रभावित नहीं किया जाएगा। आरक्षण की सीमा बढ़ाने का अधिकार उच्चस्तरीय सचिव समिति को दिया गया है। इस फैसले का लाभ पुलिस महानिदेशक एवं अधीनस्थ प्रतिष्ठानों में पुलिस कांस्टेबल, चालक पुलिस कांस्टेबल, राज्य पुलिस बल और राज्य रिजर्व पुलिस बल की भर्तियों में मिलेगा। महाराष्ट्र कारागृह एवं सुधार सेवा में जेल कांस्टेबल, नागरिक सुरक्षा निदेशालय में अग्निशामक, बचावकर्ता, विमोचक और सहायक उपनियंत्रक जैसे पद भी इसके दायरे में होंगे।
इसके अलावा होमगार्ड विभाग के विभिन्न वर्दीधारी पद, राज्य खुफिया विभाग में पुलिस कांस्टेबल खलाशी, राज्य आबकारी विभाग में जवान और जवान-सह-वाहन चालक, वन विभाग में वनरक्षक तथा नगर विकास विभाग के अंतर्गत महानगरपालिकाओं में अग्निशामक और अग्निशामक विमोचक जैसे पदों पर भी पूर्व अग्निवीरों को आरक्षण का लाभ मिलेगा। इस फैसले की एक महत्वपूर्ण बात यह है कि इन पदों की भर्ती के लिए आयोजित होने वाली लिखित परीक्षा से पूर्व अग्निवीरों को पूरी तरह छूट देने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा आयु सीमा, शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET), शारीरिक मानक परीक्षा (PST), वरिष्ठता, पदोन्नति, प्रशिक्षण, अनुभव और कौशल से संबंधित विस्तृत नियमों के लिए अलग से शासन निर्णय जारी करने की मंजूरी दी गई है। इस तरह चार साल की सैन्य सेवा पूरी करने के बाद महाराष्ट्र लौटने वाले पात्र पूर्व अग्निवीरों के लिए पुलिस, जेल, वन, आबकारी, होमगार्ड, नागरिक सुरक्षा और महानगरपालिका जैसी वर्दीधारी सरकारी सेवाओं में रोजगार का नया रास्ता खुलेगा।
