खाद्य प्रसंस्करण से किसानों और युवाओं के लिए खुलेंगे नए अवसर: चिराग पासवान
ठाणे में ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम; किसानों, FPO, महिला उद्यमियों और लाभार्थियों से केंद्रीय मंत्री ने किया सीधा संवाद

ठाणे। केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के ‘सेवा संकल्प अभियान-सेवा दिवस’ के तहत ठाणे जिला कलेक्टर कार्यालय के नियोजन भवन में ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें किसानों, किसान उत्पादक संगठनों (FPO), महिला लाभार्थियों, उद्यमियों, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान, सांसद नरेश म्हस्के, ठाणे के उप-महापौर कृष्णा पाटिल, मंत्रालय के संयुक्त सचिव प्रीत पाल सिंह, ठाणे कलेक्टर कृष्णा पांचाल, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रणजीत यादव, निदेशक रेमंडीनप चौधरी सहित कृषि एवं अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान का मंत्रालय की प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम औपचारिकीकरण योजना (PMFME), प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना (PMKSY) और उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना (PLI) के लाभार्थियों के साथ सीधा संवाद रहा। पासवान ने लाभार्थियों से उनके व्यवसाय, आजीविका और सरकारी सहायता के बाद रोजगार के अवसरों में आए बदलाव की जानकारी ली। कार्यक्रम में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र की बढ़ती संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि भारत के मजबूत और विविध कृषि उत्पादन आधार के कारण खाद्य पदार्थों के प्रसंस्करण, संरक्षण और मूल्य संवर्धन के लिए बड़े अवसर उपलब्ध हैं। इसके लिए किसानों, FPO, उद्यमियों, प्रसंस्करण इकाइयों, उद्योगों और बाजारों को जोड़ने वाली मजबूत मूल्य श्रृंखला विकसित करने की आवश्यकता है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में नए उद्यमियों की बढ़ती भागीदारी को खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के लिए सकारात्मक संकेत बताया गया। छोटे और मध्यम उद्यमियों को प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन से जोड़कर स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाने और ‘ब्रांड भारत’ को मजबूत करने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में ‘आशीर्वाद का दीया’ भी प्रज्ज्वलित किया गया, जिसे लाभार्थियों के जीवन में आशा, अवसर, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया गया। लाभार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि सरकारी योजनाओं से उन्हें कारोबार मजबूत करने, रोजगार पैदा करने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने में सहायता मिली है। इस दौरान खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय की योजनाओं के क्रियान्वयन में महाराष्ट्र के योगदान की भी सराहना की गई। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने महाराष्ट्र के किसानों, उद्यमियों और अन्य लाभार्थियों से संवाद पर प्रसन्नता जताते हुए खाद्य प्रसंस्करण के जरिए कृषि उत्पादों का बेहतर मूल्य दिलाने और उद्यमिता के नए अवसर पैदा करने पर जोर दिया। कार्यक्रम के माध्यम से संदेश दिया गया कि कृषि उत्पादन को प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन से जोड़कर किसानों की आय के नए स्रोत विकसित करने के साथ रोजगार और उद्यमिता को भी बढ़ावा दिया जा सकता है।
