
मुंबई। नाशिक जिले के येवला तालुका में गेट नंबर 77, 76 और 74 स्थित रेलवे क्रॉसिंग पर फ्लाईओवर (आरओबी) निर्माण को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। 2026-27 की सीओआरएसपी अंब्रेला योजना के तहत जून महीने में 136.79 करोड़ रुपये का निधि उपलब्ध कराते हुए इन कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शुरू किया जाएगा। यह निर्णय अन्न, नागरी आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री छगन भुजबळ, सार्वजनिक बांधकाम मंत्री शिवेंद्रराजे भोसले तथा मध्य रेल्वे के अधिकारियों की उपस्थिति में बुधवार को मंत्रालय में आयोजित बैठक में लिया गया। बैठक में माजी खासदार समीर भुजबळ, सार्वजनिक बांधकाम विभाग के सचिव शरद राजभोज, मध्य रेल्वे के रोड सेफ्टी एवं ब्रिज निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता विनोद भंगाले, अधीक्षक अभियंता देवेंद्र पवार सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मंत्री छगन भुजबळ ने बताया कि दौंड-मनमाड सेंट्रल रेलवे मार्ग पर स्थित ये तीनों क्रॉसिंग—एलसी गेट नंबर 77, 76 और 74—येवला-नांदगांव राज्य महामार्ग, धामणगांव-भारम मार्ग तथा येवला-नांदेसर मार्ग से जुड़े हैं। इस व्यस्त रेल मार्ग से प्रतिदिन लगभग 100 मेल, एक्सप्रेस और मालगाड़ियां गुजरती हैं, जिससे इन फाटकों पर भारी ट्रैफिक जाम होता है। इससे किसानों, व्यापारियों और यात्रियों का समय नष्ट होने के साथ-साथ ईंधन की भी बर्बादी होती है। उन्होंने आगे बताया कि नगरसूल (एनएसएल) स्टेशन एक प्रमुख अमृत भारत टर्मिनल है, जहां से शिर्डी जाने वाले साई भक्त बड़ी संख्या में आते हैं। ये श्रद्धालु मुख्यतः गेट नंबर 77 से होकर गुजरते हैं, जहां लगातार जाम की समस्या के कारण उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस स्थिति को देखते हुए तीनों स्थानों पर फ्लाईओवर निर्माण अत्यंत आवश्यक है। मध्य रेल्वे के मुख्य अभियंता विनोद भंगाले ने जानकारी दी कि इन परियोजनाओं के प्रारूप और डिजाइन का कार्य पूरा हो चुका है तथा जून 2026 में निधि उपलब्ध होते ही काम शुरू किया जाएगा। इस अवसर पर सार्वजनिक बांधकाम मंत्री शिवेंद्रराजे भोसले ने भूमि अधिग्रहण और निर्माण कार्य में राज्य सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग देने के निर्देश दिए। इन फ्लाईओवर के निर्माण से क्षेत्र में यातायात व्यवस्था सुगम होने के साथ-साथ नागरिकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।




