
नवी मुंबई। मत्स्य पालन को आय का एक टिकाऊ और लाभकारी स्रोत बनाने के उद्देश्य से रायगढ़ जिले के 550 किसानों को मंगलवार को ‘छत्रपति शिवाजी महाराज महास्वाभिमान अभियान’ के तहत मछली के बीज वितरित किए गए। उरण तालुका के खोप्टे गांव स्थित जिला परिषद विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम का आयोजन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के जन्मदिवस और पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की जयंती के अवसर पर किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रायगढ़ के जिलाधिकारी किशन जावले ने कहा कि मत्स्य पालन जिले की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की अपार क्षमता रखता है। उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि जिला प्रशासन उन्हें वैज्ञानिक मत्स्य पालन, तकनीकी मार्गदर्शन, प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए हर संभव सहयोग देगा।जिलाधिकारी ने कहा कि रायगढ़ का 122 किलोमीटर लंबा समुद्री तट और पर्याप्त मीठे पानी के स्रोत मत्स्य पालन के लिए अनुकूल परिस्थितियां प्रदान करते हैं। आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ जिले के मत्स्य उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि की जा सकती है। उन्होंने बताया कि मछली के बीज वितरण से पहले सभी लाभार्थियों को वैज्ञानिक मत्स्य पालन का प्रशिक्षण दिया गया था। आगे भी तालुका स्तर पर मछली पालन तकनीक, चारा प्रबंधन, रोग नियंत्रण, उत्पादन बढ़ाने, वैल्यू एडिशन, प्रोसेसिंग और मार्केटिंग से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही फार्म पॉन्ड और बायोफ्लॉक तकनीक को बढ़ावा देने की भी योजना है। जिलाधिकारी ने कहा कि मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR), जवाहरलाल नेहरू पोर्ट (JNPT) तथा निर्माणाधीन नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा मत्स्य उत्पादों के विपणन और निर्यात के लिए बड़े अवसर उपलब्ध कराएंगे। इससे प्रोसेसिंग उद्योग, निर्यात और स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने यह भी बताया कि समुद्री मत्स्य उत्पादन को रायगढ़ जिले के ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP)’ के रूप में चयनित किया गया है। प्रशासन उत्पादन बढ़ाने, मूल्य संवर्धन और निर्यात को प्रोत्साहित करने के लिए सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर कार्य करेगा। पारंपरिक मछुआरों की आर्थिक चुनौतियों का उल्लेख करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि बैंकिंग सुविधाओं के विस्तार पर भी कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अलीबाग तालुका के अक्षी गांव में बैंक ऑफ बड़ौदा की नई शाखा शुरू हो चुकी है तथा अन्य प्रमुख मत्स्य गांवों में भी बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। कार्यक्रम की शुरुआत में जिला कृषि अधीक्षक वंदना शिंदे ने बताया कि मछली के बीज का वितरण एग्रीकल्चर टेक्नोलॉजी मैनेजमेंट एजेंसी (ATMA) परियोजना के अंतर्गत किया गया। उन्होंने कहा कि वितरण से पहले सभी लाभार्थी किसानों को वैज्ञानिक तरीके से मत्स्य पालन का प्रशिक्षण भी दिया गया। इस अवसर पर तहसीलदार उद्धव कदम, तालुका कृषि अधिकारी अर्चना सुल, पंचायत समिति सदस्य कविता पाटिल, तारापोरवाला मरीन बायोलॉजिकल रिसर्च सेंटर के डॉ. भरत यादव, डॉ. रवींद्र बोंद्रे तथा खोप्टे एवं आसपास के गांवों के बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी चयनित लाभार्थी किसानों को मछली के बीज वितरित किए गए।

