
मुंबई। छत्रपती संभाजीनगर से परिवार के साथ मुंबई घूमने आई आठ वर्षीय अनाबिया शेख के लापता होने के बाद चेतना पाटील और उनकी टीम ने मात्र एक घंटे के भीतर बच्ची को ढूंढकर सुरक्षित रूप से उसके परिजनों को सौंप दिया। इस सराहनीय कार्य के लिए बुधवार को मंत्रालय में पर्यटन मंत्री शंभूराज देसाई के हाथों उनका सम्मान किया गया। यह कार्यक्रम मंत्रालय में पर्यटन मंत्री के कक्ष में आयोजित किया गया, जहां महिला सहायक फौजदार चेतना पाटील को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। घटना छत्रपती शिवाजी महाराज टर्मिनस जैसे अत्यधिक भीड़भाड़ वाले और विशाल रेलवे स्टेशन परिसर में हुई थी, जहां प्रतिदिन लाखों यात्रियों की आवाजाही होती है। ऐसे चुनौतीपूर्ण माहौल में इतनी कम समय में बच्ची को ढूंढ निकालना पुलिस की तत्परता और दक्षता को दर्शाता है। पर्यटन मंत्री शंभूराज देसाई ने कहा कि मुंबई आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा के प्रति दिखाई गई संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई बेहद प्रशंसनीय है। उन्होंने बताया कि पर्यटकों का सुरक्षा पर विश्वास बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है और चेतना पाटील व उनकी टीम का यह कार्य पूरे पुलिस विभाग के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने आगे कहा कि बच्ची को सुरक्षित रूप से परिजनों तक पहुंचाना जिम्मेदारी और कर्तव्यनिष्ठा का उत्कृष्ट उदाहरण है। इस उल्लेखनीय कार्य के लिए चेतना पाटील के नाम की विशेष प्रशंसा और सम्मान हेतु गृह राज्यमंत्री के पास सिफारिश भी की जाएगी। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि महाराष्ट्र में आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों को सुरक्षित, भरोसेमंद और सकारात्मक वातावरण प्रदान करना सर्वोच्च प्राथमिकता है। पर्यटन स्थलों, परिवहन व्यवस्था और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सुरक्षा के कड़े प्रबंध सुनिश्चित करने के लिए पुलिस, प्रशासन और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा रहा है। ऐसे प्रयासों से न केवल पुलिस बल का मनोबल बढ़ता है, बल्कि महाराष्ट्र की “सुरक्षित पर्यटन राज्य” के रूप में पहचान भी मजबूत होती है।




