
मुंबई। “सुरक्षित अन्न, सुरक्षित औषध और सुरक्षित महाराष्ट्र” अभियान के तहत महाराष्ट्र के अन्न एवं औषध प्रशासन (एफडीए) ने कोल्हापुर और पुणे में बड़ी कार्रवाई करते हुए 24.81 लाख रुपये मूल्य का अवैध दवा भंडार जब्त किया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। दोनों मामलों में कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
कोल्हापुर में बिना लाइसेंस दवाओं का भंडारण, 13.62 लाख रुपये का स्टॉक जब्त
एफडीए मुख्यालय के सह आयुक्त (औषध) ने बताया कि एफडीए की टीम ने 8 जून 2026 को कोल्हापुर के रविवार पेठ स्थित Medtabs Pharma Private Limited पर छापा मारा। जांच के दौरान बड़ी मात्रा में एलोपैथिक दवाएं, विशेष रूप से एंटीबायोटिक इंजेक्शन का स्टॉक पाया गया। कंपनी दवाओं की खरीद-बिक्री से संबंधित वैध लाइसेंस और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने में विफल रही। अधिकारियों के अनुसार यह मामला औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 के प्रावधानों का उल्लंघन है। जांच के लिए दवाओं के नमूने लिए गए हैं तथा 29 प्रकार की दवाओं का लगभग 13.62 लाख रुपये मूल्य का स्टॉक जब्त कर लिया गया है।
पुणे में सिप्ला के गोदाम पर कार्रवाई, 11.19 लाख रुपये की ‘शेड्यूल-H’ दवाएं जब्त
दूसरी कार्रवाई पुणे जिले के वडकी स्थित Cipla Pharma and Life Sciences Limited के गोदाम में की गई। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि ‘Rectine Plus Tablet’ नामक शेड्यूल-H श्रेणी की प्रिस्क्रिप्शन दवा की पैकेजिंग पर उसके उपयोग संबंधी प्रचार सामग्री प्रकाशित की गई थी। एफडीए के अनुसार इस प्रकार का प्रचार औषधि एवं प्रसाधन सामग्री नियम, 1945 के प्रावधानों के अनुरूप नहीं है। इसके चलते संबंधित दवा का लगभग 11.19 लाख रुपये मूल्य का स्टॉक जब्त कर लिया गया।
नागरिकों से सतर्क रहने की अपील
एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे ने नागरिकों से केवल अधिकृत और लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही दवाएं खरीदने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यदि कहीं अवैध दवा बिक्री या संदिग्ध भंडारण की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तुरंत प्रशासन को दें। आयुक्त ने चेतावनी दी कि दवा उत्पादन, भंडारण, वितरण और बिक्री में किसी भी प्रकार की अनियमितता या कानून उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोर एवं निरंतर कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।



