
मुंबई। मीरा-भाईंदर महानगरपालिका को ई-गवर्नेंस (ई-ऑफिस) क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय और प्रभावी कार्य के लिए राजीव गांधी प्रशासनिक गतिमानता अभियान एवं प्रतियोगिता 2025-26 के अंतर्गत राज्य स्तर पर तृतीय स्थान का पुरस्कार प्रदान किया गया है। इस प्रतियोगिता में राज्य की कुल 29 महानगरपालिकाओं ने भाग लिया था, जिनमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए मीरा-भाईंदर महानगरपालिका ने यह सम्मान हासिल किया। 21 अप्रैल 2026 को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हस्ते महानगरपालिका को सम्मानचिह्न, प्रमाणपत्र और 4 लाख रुपए का पुरस्कार प्रदान किया गया। यह सम्मान आयुक्त राधाबिनोद शर्मा और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सिस्टम मैनेजर राज घरत ने स्वीकार किया।
60 दिनों में 100 प्रतिशत ई-ऑफिस लागू करने वाली पहली महानगरपालिका
डिजिटल इंडिया मिशन के अंतर्गत एनआईसी द्वारा विकसित ई-ऑफिस प्रणाली को मीरा-भाईंदर महानगरपालिका ने मात्र 60 दिनों में सभी विभागों में 100 प्रतिशत लागू कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया। इस उपलब्धि के लिए एनआईसी द्वारा प्रमाणपत्र भी प्रदान किया गया।
डिजिटल सिस्टम से तेज, पारदर्शी और सुसंगठित प्रशासन
ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से महानगरपालिका का संपूर्ण कार्य—पत्रव्यवहार, फाइल मूवमेंट, मंजूरी प्रक्रिया और रिकॉर्ड प्रबंधन—पूरी तरह डिजिटल हो गया है। अब तक 1.49 लाख से अधिक प्रविष्टियां और 8,800 से ज्यादा फाइलें डिजिटल रूप से प्रोसेस की जा चुकी हैं। प्राप्त आवेदनों में से लगभग 90प्रतिशत का निपटारा 3 दिनों के भीतर किया जा रहा है, जबकि फाइलों का औसत निपटारा समय 7 दिन है।
प्रक्रियाओं में सुधार से बढ़ी कार्यक्षमता
प्रक्रिया पुनर्रचना के तहत मंजूरी के चरणों को पहले के 20-25 स्तरों से घटाकर केवल 4-5 स्तरों तक सीमित कर दिया गया है, जिससे कार्य में तेजी और समन्वय में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। रियल-टाइम एमआईएस मॉनिटरिंग, डिजिटल सिग्नेचर और आधार प्रमाणीकरण के माध्यम से मंजूरी प्रक्रिया को सुरक्षित और पारदर्शी बनाया गया है। साथ ही, वित्तीय लेन-देन भी पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी तरीके से संचालित हो रहे हैं।
पेपरलेस सिस्टम से 4 करोड़ रुपए से अधिक की बचत
पेपरलेस कार्यालय प्रणाली के कारण कागज, समय और लागत में भारी बचत हुई है। अनुमानित रूप से ₹4 करोड़ से अधिक की आर्थिक बचत दर्ज की गई है। ई-ऑफिस प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन से नागरिकों को तेज, पारदर्शी और जवाबदेह सेवाएं मिल रही हैं। सभी प्रक्रियाएं अब ट्रैक करने योग्य हैं, जिससे प्रशासन पर नागरिकों का विश्वास और मजबूत हुआ है। इस पहल के माध्यम से मीरा-भाईंदर महानगरपालिका स्मार्ट, डेटा-आधारित और नागरिक-केंद्रित प्रशासन का एक उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरी है।




