
झांसी, उत्तर प्रदेश। शासन द्वारा नामित मंडलीय नोडल अधिकारी डॉ. अनिल कुमार ने निर्देश दिए हैं कि “चारा नीति 2024” के अंतर्गत गौ आश्रय स्थलों में वर्षभर हरे चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय किसानों से निर्धारित दरों पर अनुबंध (एमओयू) किए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि गर्मी के मौसम में गौवंशों को खुले में चराने के लिए न छोड़ा जाए तथा आश्रय स्थलों में उनके संरक्षण के लिए विशेष इंतजाम किए जाएं।आयुक्त सभागार में आयोजित “मंडल स्तरीय गौवंश संरक्षण मूल्यांकन एवं अनुश्रवण समिति” की बैठक में झांसी मंडल के तीनों जनपदों—झांसी, जालौन और ललितपुर—में गौवंश संरक्षण से संबंधित कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक में अपर निदेशक ग्रेड-2 द्वारा प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई।समीक्षा के दौरान डॉ. अनिल कुमार ने भूसा संग्रहण अभियान की प्रगति पर संतोष जताते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन से प्राप्त लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि गौवंशों के लिए मानक के अनुरूप संतुलित पशु आहार उपलब्ध कराने वाली कंपनियों से ही पशु आहार खरीदा जाए तथा प्रत्येक पैकिंग पर बैच नंबर और एक्सपायरी तिथि अंकित होना अनिवार्य किया जाए।उन्होंने बुंदेलखंड क्षेत्र में बढ़ते तापमान को देखते हुए निर्देश दिए कि गौ आश्रय स्थलों के शेड के चारों ओर जूट के बोरे लगाए जाएं और उन्हें नियमित रूप से पानी से नम रखा जाए, ताकि गौवंशों को गर्मी से राहत मिल सके। साथ ही आश्रय स्थलों में पेयजल, छाया और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी दुरुस्त रखने को कहा गया।बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ललितपुर शेषनाथ चौहान, उपनिदेशक पंचायत अजय आनंद सरोज, झांसी मंडल के मनरेगा उपायुक्त, डीपीआरओ, खंड विकास अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी तथा पशु चिकित्साधिकारी मौजूद रहे।




