जैन समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को मिलेगा ब्याजमुक्त कर्ज
आशिष शेलार बोले- धार्मिक और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के लिए बनेगा नियोजनबद्ध आराखड़ा, 511 लाभार्थियों को 51 करोड़ रुपये का कर्ज वितरित

मुंबई। जैन समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्य सरकार ब्याजमुक्त कर्ज, नवउद्यमिता और स्वरोजगार को प्रोत्साहन देगी। साथ ही जैन समाज की धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए नियोजनबद्ध योजना तैयार की जाएगी। प्राकृत, संस्कृत और मराठी साहित्य के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) तकनीक के उपयोग को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। रविवार को यह बात सांस्कृतिक कार्य मंत्री एड. आशीष शेलार ने घाटकोपर के आराध्य भक्ति पार्क में जैन अल्पसंख्यक विकास आर्थिक महामंडल की ओर से आयोजित कर्ज वितरण समारोह में कही। कार्यक्रम में कौशल, रोजगार एवं उद्यमिता मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा, महामंडल के अध्यक्ष ललित गांधी, प्रमुख संयोजक पराग शाह, समन्वयक संदीप भंडारी, जैन मुनि नम्र मुनि महाराज, साध्वी और जैन समाज की विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे। शेलार ने कहा कि जैन धर्म की अहिंसा, जीवदया, समर्पण और विश्व कल्याण की शिक्षाएं समाज के लिए मार्गदर्शक हैं। आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को सक्षम बनाने के लिए ब्याजमुक्त कर्ज के माध्यम से नए उद्यम, नवाचार आधारित कारोबार और स्वरोजगार को बढ़ावा दिया जाएगा। जैन समाज की विभिन्न मांगों का प्रस्ताव मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के समक्ष रखकर उन्हें मंजूरी दिलाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य में जैन परंपरा से जुड़े धार्मिक स्थलों, आध्यात्मिक केंद्रों और ऐतिहासिक इमारतों के संरक्षण के लिए योजना बनाई जाएगी। प्राकृत, संस्कृत और मराठी साहित्य के परस्पर आदान-प्रदान तथा साहित्य सृजन को प्रोत्साहित करने के लिए एआई तकनीक उपलब्ध कराने की दिशा में भी प्रयास होंगे।
दुष्काल प्रभावितों की मदद के लिए आगे आए जैन समाज: मंगलप्रभात लोढ़ा
कौशल, रोजगार एवं उद्यमिता मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने राज्य में सूखे की स्थिति को देखते हुए जैन समाज से प्रभावित लोगों की सहायता के लिए आगे आने की अपील की। उन्होंने समाज के प्रत्येक व्यक्ति से कम से कम 100 रुपये मुख्यमंत्री सहायता निधि में जमा करने का आह्वान किया। लोढ़ा ने कहा कि जैन धर्म की परंपरा प्राचीन है और भारतीय संस्कृति से उसका गहरा संबंध है। समाज के सभी वर्गों को सांस्कृतिक एकता की भावना के साथ मिलकर आगे बढ़ना चाहिए। महामंडल के अध्यक्ष ललित गांधी ने बताया कि संस्था की ओर से छात्रवृत्ति, विधवा महिलाओं को व्यवसाय के लिए अनुदान, पाठशालाओं के आधुनिकीकरण और विहारधाम के निर्माण के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इस अवसर पर अखिल भारतीय जैन अल्पसंख्यक महासंघ की ओर से मुख्यमंत्री सहायता निधि में 51 लाख रुपये देने की घोषणा भी की गई।
511 लाभार्थियों को 51 करोड़ रुपये का कर्ज
कार्यक्रम में शेठ वालचंद हिराचंद स्वरोजगार कर्ज ब्याज वापसी योजना, कर्मवीर भाऊराव पाटील उच्च शिक्षा कर्ज योजना और महिला स्वयं सहायता समूह कर्ज योजना के तहत लाभार्थियों को सांकेतिक रूप से कर्ज वितरण के चेक प्रदान किए गए। इन तीनों योजनाओं के पहले चरण में कुल 511 लाभार्थियों को 51 करोड़ रुपये का कर्ज वितरित किया गया। महामंडल के समन्वयक संदीप भंडारी ने कार्यक्रम का प्रस्तावना और संचालन किया। इस अवसर पर जैन मुनि नम्र मुनि महाराज, साध्वियों और अन्य मुनियों ने आशीर्वचन दिए। समारोह में जैन समाज की विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारी, प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
