‘ड्रग्स कूल नहीं, क्रूर हैं’: राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने युवाओं को दिलाई नशामुक्ति की शपथ

मुंबई। महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने युवाओं और विद्यार्थियों से नशे की गिरफ्त में आए लोगों की मदद के लिए आगे आने का आह्वान करते हुए कहा कि किसी नशाग्रस्त व्यक्ति की सहायता करना उसके जीवन में हस्तक्षेप करना नहीं, बल्कि उसे दोबारा जीवन की मुख्यधारा में लाने का प्रयास है। उन्होंने ‘Drug is not cool, it’s cruel’ का संदेश देते हुए नशीले पदार्थों के खिलाफ लड़ाई को राष्ट्रव्यापी जनआंदोलन बनाने की जरूरत बताई। गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर आयोजित ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत मुंबई के के.सी. कॉलेज सभागार में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल ने HSNC विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई। विद्यार्थियों ने हाथ उठाकर स्वयं नशे से दूर रहने और नशामुक्त भारत के निर्माण में योगदान देने का संकल्प लिया। राज्यपाल ने कहा कि नशीले पदार्थों की समस्या के दो पहलू हैं—मांग और आपूर्ति। आपूर्ति पर नियंत्रण के लिए कानून-व्यवस्था और प्रवर्तन एजेंसियां अपना काम कर रही हैं, लेकिन नशीले पदार्थों की मांग कम करने के लिए समाज में बड़े स्तर पर जागरूकता पैदा करना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि नशे का प्रभाव केवल संबंधित व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उसके परिवार और पूरे समाज को प्रभावित करता है। इसलिए नशे की गिरफ्त में आए लोगों को अकेला छोड़ने के बजाय उन्हें सहायता और पुनर्वास उपलब्ध कराने वाली सामाजिक व्यवस्था विकसित करने की आवश्यकता है।
‘Say No to Drugs’ पोर्टल का शुभारंभ
कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने मुंबई विश्वविद्यालय द्वारा विकसित ‘Say No to Drugs’ पोर्टल का शुभारंभ किया। इसके माध्यम से नशामुक्ति का संकल्प लेने के साथ नशीले पदार्थों के खिलाफ जनजागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। कार्यक्रम में राज्यपाल के संयुक्त सचिव एस. रामामूर्ति, के.सी. कॉलेज की प्रभारी प्राचार्य तेजश्री शानबाग, मेघाश्रेय फाउंडेशन की अध्यक्ष सीमा सिंह, पंडित दीनदयाल उपाध्याय सेवाभावी ट्रस्ट के ट्रस्टी डॉ. सुमेध चव्हाण, अभिनेता रवि दुबे और HSNC विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. भगवान बलानी सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।
