मराठवाड़ा को सात साल में सूखा मुक्त करने का संकल्प, कृष्णा-उल्हास बेसिन से लाएंगे 100 TMC पानी: मुख्यमंत्री फडणवीस

₹48 हजार करोड़ के पुराने कृषि बिजली बिल रद्द करने की बात; 5 अक्टूबर के बाद फसल नुकसान के पंचनामे पूरे कर किसानों को मदद देने का आश्वासन
छत्रपति संभाजीनगर। मराठवाड़ा मुक्ति संग्राम दिवस पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मराठवाड़ा को स्थायी रूप से सूखा मुक्त करने का संकल्प दोहराते हुए कहा कि कृष्णा बेसिन से अतिरिक्त 30 TMC और उल्हास बेसिन से करीब 70 TMC पानी मराठवाड़ा तक पहुंचाने की दिशा में सरकार काम कर रही है। उल्हास से गोदावरी बेसिन तक पानी पहुंचाने वाली महत्वाकांक्षी नदी जोड़ परियोजना को चरणबद्ध तरीके से सात वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। मराठवाड़ा मुक्ति संग्राम दिवस के अवसर पर फडणवीस ने छत्रपति संभाजीनगर के सिद्धार्थ उद्यान स्थित स्मृति स्तंभ पर पुष्पचक्र अर्पित कर मुक्ति संग्राम के शहीदों को श्रद्धांजलि दी और ध्वजारोहण किया। उन्होंने मराठवाड़ा की मुक्ति के लिए संघर्ष करने वाले स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को याद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मराठवाड़ा ने पहले आजादी के लिए संघर्ष किया और अब यह क्षेत्र सूखे के खिलाफ संघर्ष कर रहा है। इस वर्ष बारिश में लंबे अंतराल के कारण खेती और फसलों को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के साथ खड़ी है और 5 अक्टूबर के बाद फसल नुकसान के पंचनामे पूरे कर प्रभावित किसानों को सहायता दी जाएगी। पेयजल और पशुओं के चारे की व्यवस्था के लिए भी आवश्यक योजना तैयार की गई है।
₹48 हजार करोड़ के पुराने कृषि बिजली बिल रद्द
फडणवीस ने कहा कि सरकार ने किसानों को मुफ्त बिजली देने का निर्णय लिया है और करीब ₹48 हजार करोड़ के पुराने कृषि बिजली बकाये को रद्द करने का फैसला किया गया है। उन्होंने पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर किसान कर्जमुक्ति योजना का उल्लेख करते हुए दावा किया कि इसका बड़ा लाभ मराठवाड़ा के किसानों को मिला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान पीढ़ी ने सूखे की समस्या देखी है, लेकिन अगली पीढ़ी को इस संकट का सामना न करना पड़े, इसी उद्देश्य से दीर्घकालीन जल परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है।
धाराशिव, बीड और लातूर तक पहुंचेगा कृष्णा बेसिन का पानी
फडणवीस के मुताबिक, कृष्णा बेसिन का अतिरिक्त 30 TMC पानी भीमा बेसिन के रास्ते मराठवाड़ा लाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इससे धाराशिव, बीड और लातूर जैसे क्षेत्रों तक पानी पहुंचाने की योजना है। वहीं उल्हास बेसिन और कोंकण से करीब 70 TMC पानी गोदावरी बेसिन में लाने के लिए नदी जोड़ परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने का काम अंतिम चरण में है। सरकार का लक्ष्य इसे सात वर्षों में चरणबद्ध रूप से पूरा करना है।
छत्रपति संभाजीनगर में हर घर तक रोज पानी पहुंचाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्रपति संभाजीनगर की जलापूर्ति परियोजना अंतिम चरण में पहुंच गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि परियोजना के लिए धन की कमी नहीं होने दी जाएगी और लक्ष्य शहर के प्रत्येक घर को प्रतिदिन पेयजल उपलब्ध कराना है।
औद्योगिक विकास का उल्लेख करते हुए फडणवीस ने कहा कि शेंद्रा-बिडकीन और DMIC जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर निवेश आ रहा है। उन्होंने टोयोटा, JSW और एथर जैसी कंपनियों का उल्लेख करते हुए छत्रपति संभाजीनगर को इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की बात कही। औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार के लिए अतिरिक्त 8,000 एकड़ जमीन अधिग्रहित करने की योजना भी बताई गई। मुख्यमंत्री ने जालना ड्रायपोर्ट, सड़क और स्वास्थ्य ढांचे से जुड़ी परियोजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि शेंद्रा-बिडकीन और बिडकीन-ढोरेगांव सड़कों को छह लेन करने सहित बुनियादी ढांचे का विस्तार किया जा रहा है। फडणवीस ने कहा कि सरकार का उद्देश्य मराठवाड़ा में जल संकट के स्थायी समाधान के साथ उद्योग, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करना है, ताकि क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा में और तेजी से आगे बढ़ाया जा सके।
