मुंबई से जयपुर अपने ‘भाई’ गणपति बप्पा को लेकर आईं डॉ. रोशनी टाक

वर्षों पुरानी इच्छा हुई पूरी, बोलीं- ‘बप्पा कर्मकांड नहीं, प्रेम और श्रद्धा देखते हैं’

जयपुर, राजस्थान। गणेशोत्सव के अवसर पर डॉ. रोशनी टाक के घर गणपति बप्पा का आगमन इस बार बेहद खास और भावनात्मक रहा। गणपति बप्पा को अपना भाई मानने वाली डॉ. टाक वर्षों से मुंबई से अपनी पसंद की गणेश प्रतिमा जयपुर लाकर स्थापित करना चाहती थीं। इस वर्ष उनकी यह इच्छा पूरी हुई और उन्होंने श्रद्धापूर्वक बप्पा को अपने घर में विराजमान किया। डॉ. रोशनी टाक ने बताया कि वर्ष 2010 से 2020 तक मुंबई में रहने के दौरान उन्होंने गणेशोत्सव की भव्यता और श्रद्धा को बेहद करीब से देखा। उनके मन में भी गणपति को घर लाने की इच्छा थी, लेकिन नियमित पूजा और विधि-विधान पूरा न कर पाने की आशंका रहती थी। इसी दौरान उनकी गुरु ने समझाया कि गणपति बप्पा के लिए कर्मकांड से अधिक भक्त का प्रेम महत्वपूर्ण है।इसके बाद वर्ष 2018 में उन्होंने पहली बार दस दिनों के लिए अपने घर गणपति की स्थापना की। वर्ष 2020 में जयपुर आने के बाद भी यह परंपरा जारी रही। हालांकि उनकी इच्छा थी कि एक बार मुंबई से स्वयं अपनी पसंद के गणपति बप्पा को जयपुर लेकर आएं। पिछले वर्ष प्रयास के दौरान रास्ते में प्रतिमा खंडित हो जाने के कारण उन्हें जयपुर से दूसरी प्रतिमा की व्यवस्था करनी पड़ी थी। इस वर्ष डॉ. टाक करीब दो महीने पहले ही मुंबई से अपनी पसंद की गणेश प्रतिमा जयपुर लेकर आईं। उन्होंने बप्पा के भव्य स्वागत और विशेष सजावट की योजना बनाई थी, लेकिन व्यस्तताओं के कारण तैयारियां समय पर पूरी नहीं हो सकीं और शुभ मुहूर्त भी निकल गया। इससे वे काफी भावुक हो गईं। ऐसे समय में उनके मुंहबोले भाई, जो ‘Prop Mantra’ नाम से प्रॉप्स की दुकान चलाते हैं, मदद के लिए आगे आए। उन्होंने अंतिम समय में मालाएं, फूल और सजावट का सामान उपलब्ध कराया, जिसके बाद डॉ. टाक ने स्वयं बप्पा के लिए आकर्षक बैकग्राउंड तैयार किया। डॉ. रोशनी टाक ने कहा कि उनके लिए यह अनुभव इस बात का प्रतीक है कि सच्ची श्रद्धा में दिखावे से अधिक प्रेम का महत्व होता है। उन्होंने कहा, “मैं गणपति बप्पा को हमेशा अपना भाई मानती हूं। भाई कभी अपनी बहन से नाराज नहीं रहता। बप्पा मेरी कमियां नहीं, मेरा प्रेम देखेंगे।” गणेशोत्सव के अवसर पर उन्होंने गणपति बप्पा से सभी के जीवन में प्रेम, सुख, शांति और समृद्धि लाने तथा विघ्नों को दूर करने की प्रार्थना की।

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