मन्नत पूरी नहीं हुई तो पंडित को बनाया बंधक, ₹1 लाख की रंगदारी मांगने वाले दो गिरफ्तार
पूजा-अनुष्ठान के बाद मनचाहा परिणाम नहीं मिलने पर पुरोहित को जौनपुर बुलाने का आरोप; नोएडा पुलिस ने जाल बिछाकर छुड़ाया, तमंचा-चाकू बरामद

नोएडा। मन्नत पूरी नहीं हुई तो पूजा कराने वाले पंडित को ही जिम्मेदार ठहरा दिया। मामला यहीं नहीं रुका, बल्कि आरोप है कि पुरोहित को बहाने से जौनपुर बुलाकर बंधक बनाया गया और पूजा में खर्च रकम वापस करने के साथ ₹1 लाख की रंगदारी मांगी गई। नोएडा पुलिस ने जाल बिछाकर पुरोहित को मुक्त कराया और दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार नोएडा सेक्टर-73 स्थित सर्फाबाद निवासी पुरोहित अनिल तिवारी ने जौनपुर निवासी आशीष यादव और प्रवेश यादव के लिए पूजा-अनुष्ठान कराया था। आरोप है कि मनचाहा परिणाम नहीं मिलने पर दोनों ने इसके लिए पुरोहित को जिम्मेदार मान लिया और पूजा पर खर्च रकम वापस लेने की योजना बनाई। बताया गया कि 5 सितंबर को आरोपियों ने एक अन्य पूजा कराने के बहाने अनिल तिवारी को जौनपुर बुलाया। वहां पहुंचने पर कथित रूप से उन्हें एक कमरे में बंधक बना लिया गया। आरोपियों ने पूजा में खर्च रकम लौटाने के साथ ₹1 लाख देने की मांग की और पैसे नहीं मिलने पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है। परिवार ने 9 सितंबर को नोएडा के सेक्टर-113 थाने में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने पुरोहित को सुरक्षित छुड़ाने के लिए योजना बनाई। पीड़ित के बेटे के माध्यम से आरोपियों को बताया गया कि मांगी गई रकम नोएडा में दी जाएगी। पुलिस के मुताबिक आरोपी पुरोहित को अपने साथ लेकर नोएडा पहुंचे। सर्फाबाद के पास कथित रंगदारी की रकम लेने के दौरान पुलिस ने आशीष यादव और प्रवेश यादव को गिरफ्तार कर लिया और अनिल तिवारी को सुरक्षित मुक्त कराया। तलाशी में आरोपियों के पास से कथित तौर पर तमंचा, कारतूस और चाकू भी बरामद हुआ। दोनों आरोपी जौनपुर के सिकरारा थाना क्षेत्र स्थित मशीदा गांव के रहने वाले बताए गए हैं। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। मन्नत पूरी न होने पर पुरोहित को जिम्मेदार ठहराकर बंधक बनाने का यह आरोप आस्था के नाम पर अंधविश्वास की हद को दिखाता है। मन्नत और पूजा व्यक्तिगत आस्था का विषय हो सकते हैं, लेकिन किसी पुरोहित को परिणाम के लिए जिम्मेदार ठहराकर धमकाना या बंधक बनाना कानूनन अपराध है।
