मुंबई में नशे के कारोबार पर क्राइम ब्रांच का हंटर, 29 हजार नशीली गोलियां जब्त
करीब ₹64 लाख की नाइट्राजेपाम टैबलेट के साथ दो गिरफ्तार; दोनों पर पहले भी NDPS के मामले दर्ज होने का पुलिस का दावा

इंद्र यादव/मुंबई। मुंबई में नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ क्राइम ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया है। क्राइम ब्रांच यूनिट-6 ने आरोपियों के कब्जे से नाइट्राजेपाम की 29 हजार गोलियां बरामद की हैं। पुलिस के मुताबिक इनका कुल वजन करीब 12.87 किलो और अनुमानित कीमत ₹64.09 लाख है। पुलिस के अनुसार 9 सितंबर 2026 को यूनिट-6 को गुप्त सूचना मिली थी कि दो व्यक्ति बड़ी मात्रा में नशीली गोलियां बेचने के लिए आने वाले हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने पनवेल-सायन हाईवे स्थित वाशीनाका, दक्षिण वाहिनी सर्विस रोड पर ट्रॉम्बे ट्रैफिक ऑफिस के पीछे जाल बिछाया और संदिग्धों को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से ‘Nitrazepam Tablets Button’ नाम की 29 हजार गोलियां बरामद होने का दावा किया गया। पुलिस का कहना है कि इन गोलियों को नशे के लिए ग्राहकों तक पहुंचाने की तैयारी थी। जांच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार दोनों आरोपियों के खिलाफ पहले भी एनडीपीएस कानून के तहत मामले दर्ज हैं।इतनी बड़ी मात्रा में नशीली गोलियां आखिर आरोपियों तक कहां से पहुंचीं और मुंबई में इन्हें किन लोगों को बेचा जाना था, अब पुलिस इसकी कड़ियां खंगाल रही है। इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है तथा दवाओं की सप्लाई का स्रोत क्या है, इसकी भी जांच की जा रही है। यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त देवन भारती, संयुक्त पुलिस आयुक्त अनिल कुंभारे और अपर पुलिस आयुक्त कृष्णकांत उपाध्याय सहित वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में की गई। क्राइम ब्रांच यूनिट-6 के प्रभारी भरत घोणे और उनकी टीम ने ऑपरेशन को अंजाम दिया। 29 हजार नशीली गोलियों की बरामदगी ने एक बार फिर सवाल खड़ा किया है कि प्रतिबंधित अथवा नियंत्रित दवाओं की इतनी बड़ी खेप अवैध बाजार तक कैसे पहुंच रही है। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर पूरे सप्लाई नेटवर्क की तह तक पहुंचने में जुटी है।
