Monday, May 11, 2026
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जनसुनवाई में भूमि पर कब्जा संबंधी शिकायतों पर डीएम का फोकस

देवेश प्रताप सिंह राठौर/झांसी, उत्तर प्रदेश। जिलाधिकारी गौरांग राठी ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जनता दर्शन में आमजन की समस्याएं गंभीरता से सुनीं। इस दौरान भूमि विवाद और अवैध कब्जों से जुड़ी शिकायतों पर विशेष फोकस रहा। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे मामलों का मौके पर जाकर समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।जिलाधिकारी ने कहा कि गर्मी के मौसम को देखते हुए जनमानस को पर्याप्त बिजली और पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जहां भी पेयजल आपूर्ति बाधित हो, वहां तत्काल टैंकरों के माध्यम से पानी पहुंचाया जाए।उन्होंने तहसीलदारों, खंड विकास अधिकारियों और अन्य अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतों के निस्तारण में केवल औपचारिकता न बरती जाए, बल्कि शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जहां संभव हो, दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर आपसी सुलह-समझौते से विवादों का समाधान कराया जाए, ताकि अनावश्यक मुकदमेबाजी और तनाव से बचा जा सके।जनसुनवाई के दौरान बबीना निवासी पुष्पा पत्नी स्वर्गीय नरेंद्र यादव ने शिकायत दर्ज कराई कि ग्राम प्रधान दीनदयाल अहिरवार उनकी भूमि पर जबरन कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार उनकी भूमि पर बना पुराना बाड़ा, आम और शीशम के पेड़ तथा चारों ओर की बाड़ को जेसीबी मशीन से तोड़ने और पेड़ गिराने का प्रयास किया जा रहा है। विरोध करने पर गाली-गलौज और धमकी भी दी जा रही है।शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान ने कहा कि यह भूमि पत्थर की श्रेणी में आती है और उसे हटाने का अधिकार उनके पास है। साथ ही, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जमीन खाली कराने के बदले रुपये की मांग की जा रही है।मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी गौरांग राठी ने तत्काल सदर उपजिलाधिकारी को जांच के निर्देश दिए और कहा कि शिकायतकर्ता की वैध भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा न होने पाए, यह सुनिश्चित किया जाए।जिलाधिकारी ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि अब जनता दर्शन और जनसुनवाई की मॉनिटरिंग सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय से की जा रही है, इसलिए सभी शिकायतों को संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ लिया जाए।इस दौरान अपर जिलाधिकारी प्रशासन शिव प्रताप शुक्ल, अपर जिलाधिकारी न्याय अरुण कुमार गौड़, एसीएम अजय कुमार यादव समेत अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

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