HomeLifestyleTravelजिला विद्यालय यान परिवहन सुरक्षा समिति की बैठक में डीएम ने दिखाए...

जिला विद्यालय यान परिवहन सुरक्षा समिति की बैठक में डीएम ने दिखाए कड़े तेवर

देवेश प्रताप सिंह राठौर
झांसी, उत्तरा प्रदेश। कलेक्ट्रेट के नवीन सभागार में जिलाधिकारी गौरांग राठी की अध्यक्षता में जिला विद्यालय यान परिवहन सुरक्षा समिति एवं जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने सड़क सुरक्षा और स्कूली वाहनों की फिटनेस को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए अधिकारियों, प्रधानाचार्यों और स्कूल प्रबंधकों को उच्चतम न्यायालय के निर्देशों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि सड़क पर चलने वाले प्रत्येक बच्चे का जीवन अमूल्य है। उन्होंने सभी स्कूल प्रबंधकों को निर्देश दिए कि यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी छात्र बिना ड्राइविंग लाइसेंस और बिना हेलमेट के दोपहिया वाहन से विद्यालय न आए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि स्कूल ड्रेस में 18 वर्ष से कम आयु का कोई छात्र बिना लाइसेंस वाहन चलाते हुए दुर्घटना का शिकार होता है, तो उसकी जिम्मेदारी अभिभावकों के साथ-साथ संबंधित विद्यालय प्रशासन की भी होगी।
अनफिट स्कूल वाहन सड़क पर मिले तो होगी मान्यता रद्द करने की कार्रवाई
जिलाधिकारी गौरांग राठी ने चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी स्थिति में अनफिट स्कूली वाहन सड़क पर संचालित नहीं होने चाहिए। यदि ऐसे वाहन चलते पाए गए तो संबंधित विद्यालय के खिलाफ मान्यता निरस्त करने तक की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने प्रधानाचार्यों से कहा कि यदि कोई छात्र यातायात नियमों का उल्लंघन करते हुए विद्यालय आता है या स्टंटबाजी करता है, तो उसके विरुद्ध तत्काल कार्रवाई की जाए।
वाहनों और चालकों का पूरा विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश
डीएम ने सभी स्कूलों और कॉलेजों को निर्देश दिए कि छात्रों को लाने-ले जाने वाले वाहनों तथा उनके चालकों का पूरा विवरण जिला प्रशासन को उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा मानकों का पालन न करने या आवश्यक सूचना उपलब्ध न कराने वाले विद्यालयों को नोटिस जारी कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने एआरटीओ को प्रवर्तन अभियान तेज करने तथा सभी विद्यालयों में संचालित वाहनों और उनके चालकों की नियमित जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
25 अनफिट स्कूल वाहनों को सड़क पर न चलने देने के निर्देश
जिलाधिकारी ने एआरटीओ को निर्देशित किया कि जांच में चिन्हित 25 अनफिट स्कूली वाहन किसी भी दशा में सड़क पर संचालित न हों। आवश्यकता पड़ने पर ऐसे वाहनों को तत्काल सीज किया जाए। साथ ही सभी निजी स्कूली वाहन चालकों का पुलिस सत्यापन एवं चिकित्सीय परीक्षण भी कराया जाए।
2402 स्कूलों की जांच, 25 वाहन संचालन से रोके गए
बैठक में एआरटीओ हेमचंद्र गौतम ने बताया कि जनपद में मदरसों सहित कुल 2436 विद्यालय हैं, जिनमें से 2402 विद्यालयों का निरीक्षण किया जा चुका है। जांच के दौरान 511 स्कूली बसों का परीक्षण किया गया। इनमें 13 वाहनों का पंजीकरण निलंबित, 23 वाहनों की फिटनेस समाप्त, एक वाहन का पंजीकरण निरस्त, तीन वाहन स्थायी रूप से बंद कराए गए तथा 10 वाहनों ने पुनः फिटनेस प्रमाणपत्र प्राप्त कर लिया है। तीन वाहन अभी भी बिना फिटनेस के हैं। उन्होंने बताया कि प्रवर्तन अभियान के दौरान 11 स्कूली बस एवं वैनों का चालान, स्कूल वाहनों के रूप में संचालित 39 निजी वाहनों का चालान तथा 25 वाहनों का संचालन बंद कराया गया है। इन वाहनों को वैध परमिट प्राप्त करने के बाद ही पुनः संचालित किया जा सकेगा।
स्कूलों में ट्रैफिक एजुकेशन कार्यक्रम चलाने के निर्देश
जिलाधिकारी ने जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) रती वर्मा को निर्देश दिए कि सभी विद्यालयों में यातायात जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जाएं। विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा, यातायात नियमों और हेलमेट के महत्व की जानकारी दी जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि विद्यालय यह रिकॉर्ड रखें कि कितने छात्र हेलमेट पहनकर विद्यालय आ रहे हैं। बैठक में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) शिव प्रताप शुक्ल, अपर जिलाधिकारी (न्याय) अरुण कुमार गौड़, एसपी सिटी प्रीति सिंह, नोडल अधिकारी एवं अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी रजनीश गुप्ता, डीआईओएस रती वर्मा, सहायक अभियंता पीडब्ल्यूडी संदीप शर्मा, आरएलपीएस रविंद्र पांडेय, एआरटीओ एस.के. अग्रवाल, अपर नगर आयुक्त रोली गुप्ता, माइंस ऑफिसर शैलेंद्र सिंह, एनएचएआई के अधिकारी, विभिन्न विद्यालयों के प्रबंधक एवं प्रधानाचार्य, बस, ट्रक और ऑटो एसोसिएशन के पदाधिकारी तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments