
मंत्री ने तय समय में कार्यक्रम पूरे करने के दिए निर्देश
मुंबई। आदिवासी छात्रों की शैक्षणिक प्रगति को गति देने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों को निर्धारित समय सीमा में पूरा करना अत्यंत आवश्यक है। यह निर्देश आदिवासी विकास मंत्री डॉ. अशोक वुईके ने दिए। मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने आदिवासी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्था (टीआरटीआई) के कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षाओं में आदिवासी छात्रों की भागीदारी बढ़ाने के लिए गुणवत्तापूर्ण और सुव्यवस्थित प्रशिक्षण बेहद जरूरी है। यदि प्रशिक्षण समय पर पूरा होता है, तो छात्रों को परीक्षा से पहले पर्याप्त अभ्यास और मार्गदर्शन मिल सकेगा।मंत्री वुईके ने यह भी कहा कि आदिवासी समाज के सर्वांगीण विकास के लिए चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया का प्रभावी उपयोग किया जाना चाहिए। साथ ही, आदिवासी समाज से जुड़े शोध कार्यों और प्रकाशनों को तय समय सीमा में नियमित रूप से प्रकाशित करने के निर्देश दिए, ताकि उनकी परंपरा, इतिहास और सांस्कृतिक विरासत व्यापक स्तर पर सामने आ सके।बैठक में अनुसूचित जनजाति जाति प्रमाणपत्र जांच समिति के कार्यों की भी समीक्षा की गई। इसके अलावा, आदिवासी समाज के महापुरुषों की जयंती और शहीद दिवसों की जानकारी संकलित कर प्रकाशित करने तथा राज्य के आदिवासी बस्तियों के सर्वेक्षण पर भी चर्चा की गई।इस बैठक में आदिवासी विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे और विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।




