
मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने दहीहांडी उत्सव में भाग लेने वाले गोविंदाओं की सुरक्षा को लेकर बड़ा निर्णय लिया है। राज्य सरकार ने वर्ष 2026 के दहीहांडी उत्सव के दौरान मानव पिरामिड बनाने वाले 1 लाख 60 हजार गोविंदाओं को बीमा सुरक्षा प्रदान करने को मंजूरी दे दी है। गुरुवार को महाराष्ट्र सरकार ने शासन निर्णय (GR) जारी किया है। शासन निर्णय के अनुसार यह निर्णय मुंबई उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप लिया गया है। दहीहांडी में मानव पिरामिड बनाने की प्रतियोगिता को पहले ही साहसिक खेल (एडवेंचर स्पोर्ट्स) का दर्जा दिया जा चुका है। साथ ही आयोजन के दौरान गोविंदाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश भी लागू किए गए हैं। सरकार ने इस वर्ष बीमा सुरक्षा का दायरा बढ़ाते हुए 1.60 लाख गोविंदाओं को शामिल करने का फैसला किया है। वर्ष 2025 में यह संख्या 1.50 लाख थी। सरकार का कहना है कि दहीहांडी उत्सव में बढ़ती भागीदारी को देखते हुए इस बार अधिक गोविंदाओं को बीमा सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। शासन निर्णय के अनुसार, दहीहांडी के दौरान दुर्घटना में मृत्यु या स्थायी पूर्ण दिव्यांगता होने पर ₹10 लाख का बीमा कवर मिलेगा। दोनों हाथ, दोनों पैर या दोनों आंखें खोने की स्थिति में भी ₹10 लाख की सहायता दी जाएगी। एक हाथ, एक पैर या एक आंख की क्षति होने पर ₹5 लाख का मुआवजा मिलेगा। वहीं स्थायी आंशिक दिव्यांगता की स्थिति में बीमा पॉलिसी में निर्धारित प्रावधानों के अनुसार राशि दी जाएगी। दुर्घटना के कारण अस्पताल में भर्ती होने पर उपचार के लिए वास्तविक खर्च अथवा अधिकतम ₹1 लाख तक का बीमा लाभ उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार ने क्रीड़ा एवं युवक सेवा आयुक्त, महाराष्ट्र राज्य, पुणे को निर्देश दिए हैं कि प्रति गोविंदा ₹75 या उससे कम प्रीमियम पर बीमा उपलब्ध कराने वाली सरकारी बीमा कंपनी का चयन किया जाए। बीमा कंपनी का चयन होने के बाद आवश्यक प्रीमियम राशि राज्य सरकार उपलब्ध कराएगी। दहीहांडी उत्सव में भाग लेने वाले गोविंदाओं का पंजीकरण महाराष्ट्र राज्य गोविंदा एसोसिएशन, अंधेरी (पूर्व), मुंबई द्वारा किया जाएगा। केवल निर्धारित आयु सीमा पूरी करने वाले, प्रशिक्षण प्राप्त तथा वास्तविक रूप से दहीहांडी में भाग लेने वाले गोविंदाओं की सूची सत्यापन के बाद क्रीड़ा एवं युवक सेवा संचालनालय, पुणे को भेजी जाएगी। इसी सूची के आधार पर बीमा योजना का लाभ दिया जाएगा। शासन निर्णय में यह भी स्पष्ट किया गया है कि इस बीमा योजना पर होने वाला पूरा खर्च राज्य क्रीड़ा विकास निधि से वहन किया जाएगा। सरकार का कहना है कि दहीहांडी उत्सव के दौरान गोविंदाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी आयोजनों में न्यायालय के निर्देशों तथा सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।

