
मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में अवैध गौण खनिज (माइनर मिनरल) खनन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए व्यापक रणनीति लागू करने का फैसला किया है। राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने विधानसभा में बताया कि चरणबद्ध तरीके से पूरे राज्य में ईटीएस (Electronic Total Station) सर्वेक्षण, ड्रोन सर्वे, अत्याधुनिक निगरानी प्रणाली, कानून में संशोधन तथा नई नियमावली लागू की जाएगी। मंगलवार को विधानसभा में सदस्य सुनील प्रभु द्वारा प्रस्तुत ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का उत्तर देते हुए राजस्व मंत्री ने कहा कि इस चर्चा में विधायक सुधीर मुनगंटीवार, अर्जुन खोतकर, राजू तोडसाम, राजू खरे, भास्कर जाधव और प्रवीण दटके ने भी भाग लिया। श्री बावनकुले ने पालघर जिले के विरार स्थित खनन प्रकरण का उल्लेख करते हुए बताया कि ऑनलाइन पोर्टल पर प्राप्त शिकायत के आधार पर अधिकारियों ने मौके पर जांच की थी। जांच के दौरान हुए विवाद में हत्या की घटना सामने आई। इस मामले में नौ आरोपियों में से आठ को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि एक आरोपी अब भी फरार है। आरोपियों पर गंभीर धाराओं के साथ संगठित अपराध से संबंधित प्रावधान भी लगाए गए हैं। राज्य मानवाधिकार आयोग में दायर याचिका का भी संज्ञान लिया गया है तथा संबंधित खदान और क्रशर को बंद करने के आदेश जारी किए गए हैं। उन्होंने बताया कि ईटीएस सर्वेक्षण में इस क्षेत्र में 4,922 ब्रास अवैध खनन होने की पुष्टि हुई है और इसकी रिपोर्ट सरकार के पास उपलब्ध है। राजस्व मंत्री ने कहा कि राज्य में पिछले कई वर्षों से हुए अवैध खनन की वास्तविक स्थिति सामने लाने के लिए पूरे महाराष्ट्र का ईटीएस सर्वेक्षण कराया जाएगा। इसके साथ ही रेलटेल कंपनी के सहयोग से गौण खनिजों की निगरानी के लिए कोंकण संभागीय आयुक्तालय के अधीन एक अत्याधुनिक वार रूम स्थापित किया जाएगा, जहां से पूरे राज्य में खनन गतिविधियों की सतत निगरानी की जाएगी। उन्होंने बताया कि पहले चरण में रायगढ़, पालघर, ठाणे, नवी मुंबई और रत्नागिरी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को प्राथमिकता देते हुए अगले छह महीनों के भीतर विशेषज्ञ संस्थाओं का पैनल तैयार कर ईटीएस एवं ड्रोन सर्वेक्षण शुरू किया जाएगा। इसके बाद पुणे, नासिक, नागपुर, छत्रपति संभाजीनगर तथा अन्य खनन प्रभावित जिलों में भी सर्वेक्षण किया जाएगा। श्री बावनकुले ने कहा कि गौण खनिजों से संबंधित नियमावली और कानून में व्यापक संशोधन के लिए विधानसभा सदस्यों की एक समिति गठित की जाएगी। समिति की सिफारिशों के आधार पर आगामी दिसंबर सत्र में संशोधित नियमावली और कानून में आवश्यक बदलाव सदन के समक्ष प्रस्तुत किए जाएंगे। समिति अपील दायर करने के लिए निर्धारित शुल्क एवं अन्य महत्वपूर्ण प्रावधानों की भी समीक्षा करेगी। राजस्व मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगाना, राजस्व की चोरी रोकना तथा खनन व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। इसके लिए सभी आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक कदम उठाए जाएंगे।



