
नई दिल्ली। दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के ‘संसद चलो’ विरोध प्रदर्शन के दौरान घायल हुई 21 वर्षीय युवती की स्वास्थ्य स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। डॉ. राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल ने बुधवार को जारी स्वास्थ्य बुलेटिन में बताया कि युवती को वेंटिलेटर सपोर्ट से हटा दिया गया है और अब वह स्वयं सांस ले रही है। वह होश में है तथा डॉक्टरों के निर्देशों का जवाब दे रही है। अस्पताल के अनुसार, युवती के मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी का एमआरआई सामान्य पाया गया है, जिससे किसी गंभीर न्यूरोलॉजिकल क्षति के संकेत नहीं मिले हैं। चिकित्सकों ने बताया कि उपचार शुरू होने के बाद से उसकी स्थिति लगातार बेहतर हो रही है और वह अभी भी चिकित्सकों की निगरानी में भर्ती है। वर्तमान में प्रदर्शन से जुड़े मामले में आरएमएल अस्पताल में भर्ती वह एकमात्र मरीज है। गौरतलब है कि सोमवार को संसद की ओर निकाले गए सीजेपी के ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई थी। इसी दौरान युवती गंभीर रूप से घायल हो गई थी और उसे तत्काल आरएमएल अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए वेंटिलेटर पर रखा गया था। घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़ने की पुष्टि की थी। वहीं, पुलिस ने विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई कथित हिंसा और तोड़फोड़ के संबंध में कनॉट प्लेस थाने में एफआईआर दर्ज की है। दूसरी ओर, सीजेपी ने पुलिस पर आवश्यकता से अधिक बल प्रयोग करने का आरोप लगाया है। पार्टी का दावा है कि कई स्वयंसेवकों के साथ मारपीट की गई तथा कुछ प्रदर्शनकारियों को घसीटा गया। इन आरोपों पर पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों का व्यवहार हिंसक और आक्रामक हो गया था, जिसके बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई की गई। इस बीच जंतर-मंतर पर सीजेपी का धरना जारी है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे हैं, जबकि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी अपना अनिश्चितकालीन अनशन जारी रखा है। उनका कहना है कि प्रदर्शनकारियों के साथ हुई कथित पुलिस कार्रवाई को देखते हुए उन्होंने अपना उपवास जारी रखने का निर्णय लिया है।

