
देवेश प्रताप सिंह राठौर/झांसी, उत्तर प्रदेश। जनशिकायतों के गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण को प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी गौरांग राठी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बीबीजीटीएस मूर्ति ने संपूर्ण सोमवार को समाधान दिवस के दौरान अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता न बनकर धरातल पर प्रभावी कार्रवाई के साथ किया जाए। इस दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले 8 लेखपालों और कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। तहसील गरौठा में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी गौरांग राठी ने कहा कि मुख्यमंत्री की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में संपूर्ण समाधान दिवस और आईजीआरएस शामिल हैं। शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता की कमी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रतिदिन कार्यालय पहुंचते ही सबसे पहले आईजीआरएस पोर्टल की समीक्षा करें और निस्तारित शिकायतों की आख्या का स्वयं परीक्षण करें। यदि आख्या गुणवत्तापूर्ण न हो तो मौके पर जाकर निरीक्षण करें और सही रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता की संतुष्टि ही शिकायत के सही निस्तारण का सबसे बड़ा पैमाना है। जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में लगातार जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें लंबित एवं गंभीर मामलों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई कर उनका समाधान किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसी शिकायतों में तथ्यों पर आधारित गुणवत्तापूर्ण आख्या प्रस्तुत की जाए। भूमि विवादों की बढ़ती शिकायतों पर चिंता जताते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि अधिक शिकायतें इस बात का संकेत हैं कि पहले की शिकायतों का समाधान प्रभावी ढंग से नहीं हुआ। उन्होंने निजी एवं सरकारी भूमि, चकरोड और सार्वजनिक संपत्तियों से अवैध कब्जे हटाने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही बार-बार पैमाइश के बाद भी दोबारा कब्जा करने वाले दबंगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि भूमि विवादों में आवश्यकता अनुसार धारा 24, धारा 145, धारा 151, धारा 447 तथा सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे के मामलों में धारा 67 के तहत प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान ग्राम लखावती निवासी चंद्रशेखर ने खलिहान और खाद के गड्ढों की सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि जांच में शिकायत सही पाए जाने के बावजूद अब तक कब्जाधारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित क्षेत्रीय लेखपाल की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई और उपजिलाधिकारी को लेखपाल का वेतन रोकते हुए विभागीय कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही पूरे गाटा की पैमाइश कर धारा 30(2) और धारा 67 के तहत आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। कार्यक्रम के दौरान आईजीआरएस एवं अन्य माध्यमों से प्राप्त शिकायतों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए 8 लेखपालों एवं कर्मचारियों को जिलाधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, उपजिलाधिकारी और क्षेत्राधिकारी पुलिस द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। संपूर्ण समाधान दिवस से पहले जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने स्वास्थ्य विभाग की प्रदर्शनी का निरीक्षण कर दवाओं की उपलब्धता की जानकारी ली। इस दौरान एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने अपना रक्तचाप भी जांच कराया। इसके बाद दोनों अधिकारियों ने बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की प्रदर्शनी में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत तैयार पोषणयुक्त व्यंजनों का स्वाद लिया तथा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) की समीक्षा करते हुए अधिक से अधिक पात्र महिलाओं को योजना से जोड़ने के निर्देश दिए। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. शिशिर पुरी, एसडीएम गरौठा सुशील कुमार, उप प्रभागीय वनाधिकारी संतोष कुमार, डीपीओ दिनेश राजपूत, क्षेत्राधिकारी पुलिस, तहसीलदार सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।



