
मुंबई। संभावित एल नीनो परिस्थितियों को देखते हुए राज्य में जलसंवर्धन परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश मृदा एवं जलसंवर्धन मंत्री संजय राठौड़ ने अधिकारियों को दिए हैं। बुधवार को मंत्रालय में आयोजित समीक्षा बैठक में जलयुक्त शिवार अभियान 2.0, अमृत सरोवर, पूर्व मालगुजारी तालाब सुदृढ़ीकरण कार्यक्रम तथा गादमुक्त बांध एवं गादयुक्त शिवार योजना के अंतर्गत चल रहे सभी कार्य 30 जून 2026 तक पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।बैठक में विभाग के सचिव जितेंद्र पापळकर, सह सचिव पंडित जाधव, उप सचिव मृदुला देशपांडे, अवर सचिव देवेंद्र भामरे, प्रबंध निदेशक वी. एम. देवराज सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे, जबकि सभी जिलों के जलसंवर्धन अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। मंत्री राठौड़ ने कहा कि जलयुक्त शिवार अभियान 2.0 के अंतर्गत 15 जून तक पूर्ण किए जाने वाले सभी कार्यों को तत्काल पूरा किया जाए तथा प्रत्येक परियोजना का मूल्यांकन किया जाए। उन्होंने अतिवृष्टि से प्रभावित तथा भूजल पुनर्भरण क्षमता वाले कार्यों की मरम्मत उपलब्ध शासकीय निधि से शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने जिलावार जलाशयों से गाद निकालने, नालों की गहराई और चौड़ाई बढ़ाने के लिए निर्धारित लक्ष्य अगले 15 दिनों में पूरा करने को कहा। साथ ही प्रशासनिक मंजूरी प्राप्त अमृत सरोवर परियोजनाओं को भी तय समयसीमा में पूरा करने पर जोर दिया। विदर्भ क्षेत्र के नागपुर, गोंदिया, भंडारा, चंद्रपुर, गड़चिरोली और यवतमाल जिलों में 469 पूर्व मालगुजारी तालाबों के जीर्णोद्धार का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिनमें से 412 तालाबों का कार्य पूरा हो चुका है। शेष कार्य शीघ्र पूर्ण कर विभाग को रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही तालाबों पर हुए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई भी तेज करने को कहा गया। मंत्री राठौड़ ने कहा कि राज्य में जल भंडारण क्षमता बढ़ाने, भूजल पुनर्भरण को मजबूत करने और संभावित सूखा परिस्थितियों से निपटने के लिए जलसंवर्धन विभाग की सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी परियोजनाएं गुणवत्ता और समयसीमा का पालन करते हुए पूरी की जाएं, ताकि राज्य के किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों को अधिकतम लाभ मिल सके।



