
पंढरपुर। आषाढ़ी एकादशी के पावन अवसर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उनकी पत्नी अमृता फडणवीस ने पंढरपुर स्थित श्री विट्ठल-रुक्मिणी मंदिर में पारंपरिक सरकारी महापूजा संपन्न की। इस अवसर पर लाखों वारकरी और श्रद्धालु महाराष्ट्र सहित देश के विभिन्न राज्यों से भगवान विट्ठल के दर्शन के लिए पंढरपुर पहुंचे। इस वर्ष सरकारी महापूजा का मान धाराशिव जिले के गौरगांव निवासी वारकरी दंपती बाबासाहेब माधव माने और प्रभावती बाबासाहेब माने को प्राप्त हुआ। पारंपरिक महापूजा तड़के करीब 3:05 बजे भगवान विट्ठल के दुग्धाभिषेक के साथ शुरू हुई। इसके बाद मुख्यमंत्री द्वारा अर्पित विशेष वस्त्र भगवान विट्ठल को पहनाए गए और मुख्यमंत्री दंपती ने भगवान विट्ठल तथा देवी रुक्मिणी की आरती कर राज्य की सुख-समृद्धि की प्रार्थना की। आषाढ़ी एकादशी के अवसर पर पवित्र चंद्रभागा नदी के तट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। हजारों वारकरियों ने मंदिर में दर्शन से पहले नदी में पवित्र स्नान कर धार्मिक परंपरा का पालन किया। पूरे पंढरपुर में “विठ्ठल-विठ्ठल” और भक्ति गीतों की गूंज के बीच आध्यात्मिक वातावरण देखने को मिला। इस वर्ष प्रशासन की ओर से एक महत्वपूर्ण व्यवस्था की गई, जिसके तहत महापूजा के दौरान भी आम श्रद्धालुओं के मुख दर्शन की व्यवस्था बिना किसी रुकावट के जारी रही। साथ ही, वीआईपी दर्शन पर रोक लगाकर सभी श्रद्धालुओं को समान रूप से दर्शन का अवसर दिया गया। इस निर्णय का वारकरियों और श्रद्धालुओं ने स्वागत किया और इसे आम भक्तों के हित में महत्वपूर्ण कदम बताया। आषाढ़ी एकादशी के अवसर पर श्री विट्ठल मंदिर को रंग-बिरंगे फूलों और आकर्षक विद्युत सजावट से भव्य रूप दिया गया था। मंदिर परिसर, चंद्रभागा नदी के घाटों तथा पंढरपुर की प्रमुख सड़कों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ दिखाई दी। महापूजा समारोह में केंद्रीय आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव, मंत्री राधाकृष्ण विखे-पाटिल, जयकुमार गोरे और गिरीश महाजन सहित कई जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अलावा मंडलायुक्त शीतल तेली-उगाले, जिला कलेक्टर एस. कार्तिकेयन, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कुशल जैन, पुलिस अधीक्षक अतुल कुलकर्णी, श्री विट्ठल-रुक्मिणी मंदिर समिति के सह-अध्यक्ष एच.बी.पी. गहिनीनाथ महाराज औसेकर तथा नगर परिषद अध्यक्ष प्रणिता भालके भी समारोह में मौजूद रहे।

