
मुंबई। मुंबई में हो रही भारी बारिश के मद्देनजर झोपड़पट्टी पुनर्वसन प्राधिकरण (एसआरए) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. महेंद्र कल्याणकर ने बीती आधी रात को एसआरए के आपदा प्रबंधन नियंत्रण कक्ष का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने दिनभर प्राप्त शिकायतों, उन पर की गई कार्रवाई तथा उनके निस्तारण की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की।निरीक्षण के दौरान डॉ. कल्याणकर ने नियंत्रण कक्ष में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों से बातचीत कर आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए अपनाई जा रही व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने नियंत्रण कक्ष की कार्यप्रणाली का भी विस्तृत जायजा लिया और यह सुनिश्चित किया कि आपदा प्रतिक्रिया प्रणाली पूरी तरह सक्रिय और प्रभावी ढंग से कार्य कर रही है। मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राप्त होने वाली प्रत्येक शिकायत पर तत्काल और प्रभावी कार्रवाई की जाए, ताकि एसआरए योजनाओं में रहने वाले नागरिकों को समय पर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा सके। डॉ. महेंद्र कल्याणकर ने बताया कि वर्ष 2024 में पहली बार एसआरए में आधुनिक आपदा प्रबंधन नियंत्रण कक्ष की स्थापना की गई थी। यह नियंत्रण कक्ष 24×7 कार्यरत रहता है और आपातकालीन परिस्थितियों में एसआरए परियोजनाओं के निवासियों तक आवश्यक सेवाएं समय पर पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। आधी रात को हुए इस औचक निरीक्षण से नियंत्रण कक्ष में मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों में कुछ समय के लिए हलचल जरूर मच गई, लेकिन निरीक्षण का उद्देश्य आपदा प्रबंधन व्यवस्था की वास्तविक स्थिति का आकलन करना और नागरिकों को त्वरित राहत सुनिश्चित करना था।



